चित्तौड़गढ़: तीन मंदिरों में चोरी का पर्दाफाश, अंतराज्यीय गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार
पुलिस ने दुर्ग स्थित कीर्ति स्तंभ के जैन मंदिर सहित तीन मंदिरों से चोरी हुई बेशकीमती मूर्तियां और आभा मंडल बरामद कर मुख्य आरोपी सहित पांच को दबोचा।

चित्तौड़गढ़ कोतवाली पुलिस स्टेशन में बरामद मूर्तियों के साथ खड़े पांच आरोपी और पुलिस अधिकारी।
चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में कोतवाली थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दुर्ग स्थित कीर्ति स्तंभ के मल्लिनाथ जैन मंदिर सहित तीन प्रमुख मंदिरों में हुई सिलसिलेवार चोरियों का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर भगवान शांतिनाथ और महावीर स्वामी की बेशकीमती प्रतिमाएं एवं आभा मंडल बरामद कर लिए हैं। पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के अनुसार, अपराधियों ने एक सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम दिया था। गिरोह ने 16-17 अप्रैल की दरम्यानी रात दुर्ग के मल्लिनाथ जैन मंदिर के 5 ताले तोड़कर मूर्तियां, चांदी के छत्र, तीन आभा मंडल और दानपात्र पर हाथ साफ किया था। उल्लेखनीय है कि जिस रात दुर्ग में चोरी हुई, उस समय 220 केवी जीएसएस में ब्लास्ट के कारण शहर की बिजली गुल थी, जिसके चलते अभय कमांड और निजी संस्थानों के सीसीटीवी कैमरे इनवर्टर खत्म होने से बंद हो गए थे। इसी अंधेरे और परिस्थिति का फायदा उठाकर बदमाशों ने वारदात की, जिसकी भनक वहां तैनात दो चौकीदारों को भी नहीं लगी। इसके पश्चात 26-27 अप्रैल को कैलाश नगर के रामेश्वर महादेव और 29-30 अप्रैल को चामटीखेड़ा के द्वारकाधीश मंदिर में भी ताले तोड़कर मूर्तियां, चांदी के छत्र, आभूषण, सिंहासन और नकदी चोरी की गई थी।
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने के लिए एएसपी सरिता सिंह के निर्देशन और कोतवाली थाना प्रभारी तुलसीराम के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं। करीब 20 दिनों की कड़ी मशक्कत, घटनास्थल के गहन निरीक्षण, सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने और मुखबिर तंत्र की सहायता से पुलिस मास्टरमाइंड मिठूलाल नायक तक पहुंची। जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण सुराग तब मिला जब मानपुरा मुख्य मार्ग के कैमरे में रात 4 बजे एक कुत्ता दुर्ग की ओर मुंह करके भौंकता दिखाई दिया, जिससे पुलिस को संदिग्धों की आवाजाही का संकेत मिला। इसी आधार पर पुठोली और आजोलिया का खेड़ा सहित कई गांवों में छानबीन की गई। पुलिस ने पेमदिया का खेड़ा (निंबाहेड़ा) निवासी मिठूलाल नायक को डिटेन किया, जो पिछले एक माह से दिवाकर नगर में किराए पर रह रहा था। कड़ी पूछताछ में उसने अपने साथियों कन्हैयालाल नायक, राजमल कामड़, प्रकाश खारोल और हिम्मत सालवी के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों ने फतेहनगर के खाटूश्याम मंदिर में भी चोरी की बात कबूली है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस सफल खुलासे में कांस्टेबल प्रहलाद, बलवंत सिंह और सुनील चौधरी की विशेष भूमिका रही, जबकि टीम में एएसआई महेन्द्र सिंह, चांदमल, जितेन्द्र सिंह, नवरंग तथा साइबर सेल के राजकुमार, रामावतार, हरिराम, राजेश और लक्ष्मण सिंह शामिल थे। वर्तमान में पुलिस गिरोह के 5 अन्य फरार सदस्यों की तलाश कर रही है और मंदिरों से चोरी हुए शेष चांदी के छत्र एवं अन्य सामान की बरामदगी के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं।

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