चित्तौड़गढ़। शिक्षा विभाग द्वारा जारी नवीन शिविरा पंचांग सत्र में विद्यालयों के अवकाशों में की गई भारी कटौती के विरोध में राजस्थान शिक्षक संघ ने आक्रोश व्यक्त करते हुए हुंकार भरी है। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दमनकारी आदेशों को तत्काल वापस लेने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि संस्था प्रधान के दो अधिकृत अवकाशों में से एक की कटौती करना और ग्रीष्मावकाश की अवधि में दस दिनों की कमी किया जाना पूरी तरह से अव्यावहारिक और अन्यायपूर्ण निर्णय है।

संगठन के पदाधिकारियों ने रोष प्रकट करते हुए बताया कि इस विसंगति के विरुद्ध पूर्व में भी कई बार ज्ञापन सौंपे गए और काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया, किंतु विभाग द्वारा अब तक कोई सकारात्मक निस्तारण नहीं किया गया है। राजस्थान शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि संस्थान के अधिकृत अवकाशों को पुनः दो दिवस नहीं किया गया और ग्रीष्मावकाश को पूर्व की भांति बहाल नहीं किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा। शिक्षकों का तर्क है कि यदि शिक्षा विभाग इस कटौती को यथावत रखना चाहता है, तो इसके बदले में शिक्षकों को 10 दिवस का उपर्जित अवकाश (पीएल) प्रदान किया जाए। इस महत्वपूर्ण प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान अफसार खान, सुरेश खोईवाल, गायत्री शर्मा, दारासिंह राठौड़, प्रवीण वर्मा, ओमपात चेडवाल, हंसराज सालवी, दिनेश कुमार यादव, हितेश कुमार सिंधी, मीना शक्तावत, लोकेश व्यास एवं मनीष ओझा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे, जिन्होंने एकसुर में विभाग के इस निर्णय का विरोध किया।

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