बाल संरक्षण के लिए संवेदनशीलता और जागरूकता जरूरी - जिला पुलिस अधीक्षक त्रिपाठी

चित्तौड़गढ़ जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा और किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:

पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन कार्यक्रम की समीक्षा

उदयपुर रेंज पुलिस द्वारा रेंज स्तर पर संचालित पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन कार्यक्रम के तहत चित्तौड़गढ़ जिले में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत गठित विशेष किशोर पुलिस इकाई/थाना स्तर पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक बुधवार को जिला परिषद् चित्तौड़गढ़ में आयोजित हुई।

पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले में किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस थानों पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के साथ थाना स्तर पर बालकों से संबंधित मामलों में:

  • नए अधिनियम।
  • बाल अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान।
  • वर्तमान परिपेक्ष्य में मुख्य रूप से साइबर क्राइम को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम। इन महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा के माध्यम से बाल संरक्षण को सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया।

एसपी मनीष त्रिपाठी का संबोधन और निर्देश

बैठक में बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए एसपी मनीष त्रिपाठी ने कहा कि — "बालकों एवं किशोरों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतते हुए उन्हें सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराए और उनके समग्र विकास के लिए प्रयास करें एवं विद्यालय में जाकर बच्चों के साथ फ्रेंडली वातावरण तैयार करे।" उन्होंने बच्चों के मामलों में पोक्सो और जेजे एक्ट में तय गाइडलाइन और निर्धारित प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने और नवीन प्रावधानों के साथ संबंधित प्रावधानों में होने वाले बदलाव का समय-समय पर अध्ययन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में कार्यवाही के संबंध में आवश्यक दस्तावेज एवं आदेश-पत्रावलियां राजस्थान पुलिस विभाग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

पुलिस की उपलब्धियां और सराहना

एसपी त्रिपाठी ने अवगत कराया कि — "हाल ही में 1 दिसंबर से 31 दिसम्बर 2025 के दौरान पुलिस ने अभियान चलाते हुए क्षेत्र के 34 गुमशुदा व्यक्तियों को उनके परिवार को सुपुर्द किया है जो एक बड़ी उपलब्धि है और इस श्रेष्ठ कार्य के लिए डीजीपी महोदय द्वारा अनुशंसा पत्र प्रदान कर पुलिस टीम की सराहना की है।"

विशेषज्ञों के सुझाव एवं साइबर सुरक्षा

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भगवत सिंह ने बाल एवं महिला संरक्षण के हित में उपयोगी सुझाव दिए। इस अवसर पर यूनिसेफ की संभागीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने रेंज स्तर पर संचालित पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि — "बालकों का उचित संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है।" उन्होंने पोक्सो और जेजे एक्ट के प्रावधानों, इसके लिए निर्धारित प्रपत्र और बाल अधिकारों और संबंधित अधिनियमों की जानकारी दी और जरूरतमंद, देखभाल वाले व विधि से संघर्षरत बच्चों के मामलों में कार्यवाही के दौरान बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के लिए निर्धारित नियमों की जानकारी दी। उन्होंने आज के दौर में साइबर क्राइम और अन्य ऑनलाइन अपराधों के बारे में बताते हुए इससे बचने के उपाय भी बताए।

बाल कल्याण समिति की भूमिका और लंबित प्रकरण

बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका पालीवाल ने समिति की कार्य प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बच्चों से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रपत्रों की जानकारी दी और — "पॉक्सो से जुड़े मामलों की सूचना 24 घंटे में समिति को देने का आग्रह किया।" उन्होंने थानावार पॉक्सो के लंबित प्रकरणों की सूची बैठक में प्रस्तुत की जिसे पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से लेते हुए इन लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। ### शपथ और सहभागिता इस दौरान 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शपथ दिलवाई गई। बैठक में बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों ने भी अनुभव साझा किए और कई सवाल किये, जिनका प्रत्युत्तर देते हुए वक्ताओं ने उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।

बैठक में उपस्थित गणमान्य:

  • महिला अपराध अनुसंधान प्रकोष्ठ कार्यालय के रामपाल शर्मा।
  • मानव तस्करी के सहायक उप निरीक्षक नटवर लाल।
  • जिले के सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी।
  • बाल कल्याण समिति के सदस्य: ओमप्रकाश लक्षकार, नीता लोट, सीमा भारती, शिवदयाल सिंह लखावत।
  • श्रम विभाग से मुकेश कुमार।
  • चाइल्ड हेल्पलाईन जिला समन्वयक नवीन किशोर काकडदा।
  • काउंसलर करण जीनवल।
  • कार्यक्रम टीम के दिलीप सालवी।

इस अवसर पर कार्यक्रम कार्यालय की ओर से तैयार करवाई गई प्रचार सामग्री के साथ बाल हेल्प डेस्क सभी थानों के लिए प्रदान की गई।

Pratahkal Newsroom

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