चित्तौड़गढ़: श्री राम जन्मोत्सव भव्य संगम धर्मसभा में गूँजा जय श्रीराम का उद्घोष
विहिप और बजरंग दल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, महाआरती और दुर्गा वाहिनी द्वारा निरूयुद्ध का प्रदर्शन किया गया।

चित्तौड़गढ़। राजस्थान की ऐतिहासिक वीरभूमि चित्तौड़गढ़ के सुभाष चौक पर आयोजित 'श्री राम जन्मोत्सव भव्य संगम' धर्मसभा में भक्ति, शक्ति और समरसता का एक अलौकिक समागम देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम ने समूचे क्षेत्र को राममय कर दिया। जिला मंत्री चंद्र शेखर सोनी के अनुसार, इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मातृशक्ति, युवा साथियों और प्रबुद्ध नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
नगर सह मंत्री सुमित हेड़ा ने जानकारी दी कि कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि विहिप प्रांत सह मंत्री युधिष्ठिर सिंह, विशिष्ट अतिथि बजरंग दल प्रांत संयोजक योगेश रेनवाल, जिला अध्यक्ष किशन पिछोलिया, लता पांडिया, विभाग मंत्री विश्वनाथ टांक एवं कार्यक्रम अध्यक्ष अर्जुन मूंदड़ा द्वारा भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर अपने ओजस्वी उद्बोधन में वक्ता योगेश रेनवाल ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मात्र एक कथा नहीं, अपितु सत्य, मर्यादा और कर्तव्य का जीवंत मार्ग है। उन्होंने संघ के 'पंच परिवर्तन संकल्प' की व्याख्या करते हुए समाज को नई दिशा प्रदान की।
मुख्य वक्ता युधिष्ठिर सिंह ने रामायण के पात्रों के माध्यम से नागरिक कर्तव्यों पर प्रकाश डालते हुए आह्वान किया कि वर्तमान विश्व की विभीषिकाओं के बीच हमें अफवाहों से बचकर समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित व सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। नगर मंत्री अभिनंदन काबरा ने कार्यक्रम के आकर्षणों का विवरण देते हुए बताया कि दुर्गा वाहिनी की नगर संयोजिका अंजलि सेन व शक्ति साधना केंद्र प्रमुख पूर्वा साहू के नेतृत्व में बहनों द्वारा किए गए 'निरूयुद्ध' के साहसिक प्रदर्शन ने पंडाल को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया।
धर्मसभा का मुख्य केंद्र बिंदु सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ रहा, जहाँ हजारों कंठों की एकनिष्ठ स्वर लहरियों ने वातावरण को ऊर्जा से भर दिया। इसके पश्चात आयोजित भव्य महाआरती में जब हजारों दीपकों की लौ और 'जय श्रीराम' के गगनभेदी जयघोष का मिलन हुआ, तो सुभाष चौक का दृश्य दिव्य और अलौकिक प्रतीत होने लगा। योगेश दशोरा ने आयोजन के मूल उद्देश्य पर बल देते हुए इसे समाज में एकता की स्थापना और युवाओं को सनातन संस्कृति व प्रभु श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बताया।
कार्यक्रम के समापन पर मनोज साहू ने सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन, पुलिस बल, स्वयंसेवकों और प्रबुद्ध नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। इस भव्य संगम में प्रांत के अनिल चतुर्वेदी, मनोज सोनी, मदन त्रिपाठी, मुकेश नाहटा, संगीता ओझा, मंजू लता जोशी, शिवानी साहू, सपना कीर, कैलाश जाट, गोपाल छीपा, सागर व्यास, बबलेश शर्मा, राकेश खाब्या, प्रकाश वैष्णव, विक्रम गवारिया, हीरा लाल भोई, दिलीप जोशी, विनोद पटवा, दीपक वर्मा, जय वाघेला, अंकित सोनी, अंकुर सिंह, कान सिंह, विजय जागेटिया, प्रेम लढ्ढा, बलराम मूंदड़ा, महावीर भड़कत्या, महावीर कीर, जोध सिंह, शुभम छीपा, अशोक सेन, शुभम न्याति, प्रीति मीणा, आरुषि पंड्या, रिया चौबीसा, आरती प्रजापत, विधि सेन, कोमल गुप्ता, सलोनी रावल, प्राची डांगी, शानू पाराशर, काजल खटीक, कृष्णा भील, निशि सेन, कामाक्षी सारस्वत, जिया डांगी, समृद्धि सोनी, सिया डांगी, काव्या प्रजापत और दिव्या प्रजापत सहित अनेकों कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही।

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