शिविरों में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ: जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने दिए सख्त निर्देश
चित्तौड़गढ़ में सेवा शिविरों को लेकर जिला प्रशासन हुआ सख्त। जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प लिया है। जानिए क्या है पूरी रणनीति।

चित्तौड़गढ़ में जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रशासनिक अधिकारी शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा करते हुए।
चित्तौड़गढ़ में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों के सफल संचालन और आमजन तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाने के लिए स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए। डीओआईटीसी वीसी कक्ष से वीसी के माध्यम से आयोजित इस उच्च-स्तरीय बैठक में नगर परिषद, नगर पालिका और नगर विकास न्यास के कार्यों का व्यापक मूल्यांकन किया गया, जिसमें जिले के समस्त उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी और विभागीय अधिकारियों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। बैठक का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि राज्य सरकार की मंशानुसार इन शिविरों की पहुंच अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक हो और उनकी समस्याओं का त्वरित एवं मौके पर समाधान किया जा सके।
जिला कलक्टर ने शिविरों में कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रकरण में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में सुरक्षा और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए जिला कलक्टर ने नगर परिषद एवं नगर पालिका क्षेत्रों में स्थित होटलों, मॉलों और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी नियमों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपखंड और नगर निकाय अधिकारियों को संयुक्त रूप से सुरक्षा, स्वच्छता एवं जनसुविधाओं की निरंतर निगरानी करने के लिए निर्देशित किया।
आगामी मानसून सत्र की तैयारियों के मद्देनजर, जिला कलक्टर ने नगरीय निकायों को नालों और जल निकासी तंत्र की सफाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के आदेश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने को कहा गया है ताकि वर्षा ऋतु के दौरान जलभराव से आमजन को राहत मिल सके। वहीं, मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक ने घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर भूमि आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त कलक्टर रामचंद्र खटीक ने राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा करते हुए उपखंड अधिकारियों को मौके पर ही अधिकतम प्रकरणों के निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए सार्वजनिक उपयोग के लिए सरकारी भूमि आरक्षित करने पर भी बल दिया।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिए गए ये सख्त निर्देश और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। शिविरों के माध्यम से समस्याओं का समयबद्ध समाधान और सरकारी योजनाओं का त्वरित वितरण न केवल आमजन को अनावश्यक चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाएगा, बल्कि शासन और प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास को भी सुदृढ़ करेगा। यह पहल चित्तौड़गढ़ के निवासियों के लिए एक राहत भरा कदम है, जिससे विकास की गति को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी।

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