राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल के तहत जिलेभर में आयोजित किए जा रहे ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर आमजन के लिए राहत का प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं। इन शिविरों में वर्षों से लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान कर लोगों को प्रशासनिक सेवाओं का सीधा लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। राजस्व अभिलेखों में सुधार से लेकर पैतृक पट्टों के वितरण और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण तक, शिविरों में प्रशासन की सक्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में आयोजित हो रहे शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को लंबे समय से लंबित समस्याओं से राहत मिल रही है। शिविरों में पैतृक पट्टे जारी किए जा रहे हैं, राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों का सुधार किया जा रहा है तथा कृषि एवं अन्य विभागीय योजनाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है।

बुधवार को जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों—तुम्बड़िया, भट्टोका, बामनिया, भूपालसागर, सांखली, जयनगर, मण्डेसरा, लसड़ावन, बड़ोली माधोसिंह तथा भदेसर उपखंड की भालुण्डी सहित कई स्थानों पर ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए गए। ग्राम पंचायत सांखली में हरलाल पुत्र चूना अहीर द्वारा जमाबंदी नकल में दर्ज गलत जाति के सुधार हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। जांच उपरांत तत्काल कार्रवाई करते हुए राजस्व अभिलेखों में दर्ज जाति का शुद्धिकरण कर सही रिकॉर्ड उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार जमाबंदी में दर्ज कालू पत्नी नंदराम के नाम को संशोधित कर काली पत्नी नंदराम किया गया, जिससे संबंधित ग्रामीण को सही दस्तावेज प्राप्त हो सके।

ग्राम पंचायत मण्डेसरा में आयोजित शिविर के दौरान ग्रामीणों ने मण्डेसरा-खालगांव मार्ग पर बने गहरे गड्ढे की समस्या प्रशासन के समक्ष रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिविर प्रभारी के निर्देश पर तत्काल जेसीबी मशीन भेजकर गड्ढे को भरवाया गया। इससे ग्रामीणों तथा पशुओं के लिए संभावित दुर्घटनाओं का खतरा टल गया।

ग्रामीण सेवा शिविरों के तहत ग्राम पंचायत शम्भुपुरा एवं बस्सी में बंशीलाल भील निवासी शम्भुपुरा तथा रतनलाल लोहार निवासी बस्सी को उनके मकानों के पुश्तैनी पट्टे प्रदान किए गए। पट्टा प्राप्त होने के साथ ही दोनों को मकानों का वैधानिक मालिकाना अधिकार मिला, जिससे भविष्य में विभिन्न आर्थिक एवं सरकारी सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ।

उधर, नगर परिषद आयुक्त रविन्द्र यादव ने बताया कि शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से भी लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान किया जा रहा है। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 27 से 30 में आयोजित शिविर के दौरान 38 वर्ष पुराने लंबित प्रकरण का निस्तारण करते हुए राजेश चावला को भूखंड का पट्टा प्रदान किया गया। यह कार्रवाई विधायक चंद्रभान सिंह आक्या एवं जिला कलक्टर डॉ. मंजू के निर्देशों के अनुरूप की गई।

इसके अतिरिक्त निम्बाहेड़ा के वार्ड संख्या 19 एवं 20, बड़ीसादड़ी के वार्ड संख्या 9, कपासन के वार्ड संख्या 10, रावतभाटा के वार्ड संख्या 12 से 15, बेगूं के वार्ड संख्या 12 एवं 13 तथा आकोला के वार्ड संख्या 8 में भी शहरी सेवा शिविर आयोजित कर विभिन्न समस्याओं का समाधान किया गया।

भदेसर उपखंड के भालुण्डी शिविर में अतिरिक्त जिला कलक्टर दिनेश धाकड़ ने पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुनीं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र लोगों को पट्टे वितरित किए। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलेभर में आयोजित इन सेवा शिविरों में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही। शिविरों के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित होने के साथ ही लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान की दिशा में प्रभावी पहल देखने को मिली है।

Pratahkal Bureau

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