चित्तौड़गढ़। शहर के सेगवा हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में बुधवार को नगर परिषद द्वारा संचालित अतिक्रमण हटाओ अभियान ने उस समय विवाद का रूप ले लिया जब स्थानीय नागरिक और व्यापारी प्रशासन की कार्यशैली के विरुद्ध सड़कों पर उतर आए। नगर परिषद की इस औचक कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट आरोप है कि प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया में घोर पक्षपात और भेदभाव का परिचय दिया है।

स्थानीय निवासियों एवं व्यापारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि नगर परिषद ने यह कार्रवाई पूर्णतः चयनात्मक आधार पर की है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने केवल गरीब दुकानदारों एवं छोटे ठेला चालकों को निशाना बनाकर उनके अतिक्रमण हटाए, जबकि प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमणों को बिना किसी ठोस कारण के यथावत छोड़ दिया गया। यह स्थिति प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है। इसके अतिरिक्त, जनसामान्य में इस बात को लेकर भी तीव्र रोष है कि नगर परिषद द्वारा इस बड़ी कार्रवाई से पूर्व किसी भी प्रकार की आधिकारिक सूचना या विधिक नोटिस जारी नहीं किया गया। बिना पूर्व चेतावनी के अचानक की गई इस कार्रवाई के कारण आमजन और छोटे व्यापारियों को न केवल आर्थिक क्षति हुई, बल्कि उन्हें भारी मानसिक और व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

प्रभावित व्यापारियों एवं कॉलोनी वासियों ने जिला प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है। उनका तर्क है कि यदि अतिक्रमण हटाना ही है, तो यह कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के सभी के विरुद्ध समान रूप से लागू होनी चाहिए। स्थानीय नेतृत्व और नागरिकों ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस पक्षपातपूर्ण रवैये को सुधार कर उचित न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी।

विरोध के इसी क्रम में बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस नेता राहुल शर्मा, शैलेंद्र सिंह शक्तावत, अनुराग शर्मा, मुरली खत्री, संजय मोड, कमल मिश्रा, राजा राजेंद्र सिंह, शंकर धोबी, पुष्पा कुँवर भाटी, शीतल लढ्ढ़ा, प्रेम बाई, जमुना सेन, नानूराम मनोहर सिंह भाटी, मनीष मराठा, विक्रम सिंह, चित्रांग दशोरा, घनश्याम सिंह, अर्जुन सेन, राजेंद्र सिंह, मनीष बाथिका, मनीष राहुल धोबी, कमलेंद्र सिंह चुंडावत, निर्मल जैन, अल्पेश सेन, मनीष नेनवानी, विजय कुमार नेनवानी, लोकेश माली, भरत वैष्णव, कैलाश सेन, दिलखुश वैष्णव, लखन मोड, गोपाल सेन सहित सैकड़ों की संख्या में व्यापारी और आम नागरिक उपस्थित रहे। यह घटनाक्रम शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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