चित्तौड़गढ़ सैनिक स्कूल में भावुक हुए पूर्व छात्र, पुरानी यादें ताजा कर भेंट की कैडेट ऑफ द ईयर ट्रॉफी
सिल्वर जुबली समारोह में पूर्व छात्रों ने सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया और दिवंगत साथियों की स्मृति में कैडेट ऑफ द ईयर ट्रॉफी भेंट की।

चित्तौड़गढ़ सैनिक स्कूल में आयोजित सिल्वर जुबली समारोह में विद्यालय प्रशासन और 1994-2001 बैच के पूर्व छात्र।
चित्तौड़गढ़ सैनिक स्कूल में शनिवार को 1994-2001 बैच के पूर्व छात्रों का सम्मेलन यादों, सम्मान और राष्ट्रसेवा के संकल्प के बीच आयोजित हुआ। स्कूल के शंकर मेनन सभागार में आयोजित इस विशेष सभा में पूर्व छात्रों ने अपने पुराने दिनों को याद किया। इस दौरान सेवानिवृत्त शिक्षकों और स्कूल स्टाफ का अभिनंदन किया गया तथा अपने दिवंगत साथियों की स्मृति में विद्यालय को कैडेट ऑफ द ईयर ट्रॉफी भेंट की गई।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि स्कूल के पूर्व शिक्षक डी एल सुरेडिया और विशिष्ट अतिथि स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया थे। स्कूल की उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल ईशा ठकराल और प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी श्रीकुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि 1994-2001 बैच के पूर्व छात्रों ने इस अवसर पर अपनी सिल्वर जुबली मनाई।
स्कूल के प्राचार्य कर्नल जसरोटिया ने स्वागत भाषण में विद्यालय और विद्यार्थियों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्कूल शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, राष्ट्रसेवा की भावना और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सम्मान में अकादमिक टॉर्च प्रदान करने की परंपरा शुरू की गई है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की परीक्षा में विद्यार्थियों के बेहतर होते परिणाम भी विद्यालय के लिए विशेष गर्व का विषय हैं।
उन्होंने बताया कि स्कूल में वाद-विवाद, भाषण, प्रश्नोत्तरी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत, नृत्य, कला और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता, टीम भावना और अभिव्यक्ति कौशल विकसित होते हैं। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी उन्हें अनुशासन, धैर्य, सहयोग, संघर्ष और खेल भावना का महत्व सिखाती है।
इस अवसर पर पूर्व छात्रों को स्कूल की एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। मुख्य अतिथि डी एल सुरेडिया ने अपने प्रेरक विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सैनिक स्कूल केवल शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि ऐसे चरित्रवान, अनुशासित और राष्ट्रनिष्ठ युवाओं का निर्माण करते हैं, जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नेतृत्व करने की क्षमता रखते हैं। यहां विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त नहीं करते, बल्कि उनमें साहस, आत्मविश्वास, समय की पाबंदी, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और राष्ट्रसेवा के संस्कार भी विकसित होते हैं।
मुख्य अतिथि ने समाज में बढ़ती चुनौतियों और अनैतिक प्रवृत्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को प्रारंभिक शिक्षा से ही नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों की शिक्षा दी जानी चाहिए। इसके बाद अतिथियों ने स्कूल परिसर में बने स्मृतिका पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सिल्वर जुबली बैच 1994-2001 के पूर्व छात्रों ने सभी के सामने अपना परिचय दिया और बैच की ओर से उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। पूर्व छात्रों ने सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं स्कूल स्टाफ का अभिनंदन किया। आईआरएस जसबीर खिचड ने स्कूल में बिताए अपने पुराने दिनों की यादें सभी के साथ साझा कीं।
इस दौरान सिल्वर जुबली बैच 1994-2001 के पूर्व छात्रों ने स्कूल के प्राचार्य को बैच की ओर से विद्यालय का एरियल मॉडल भेंट किया। अपने साथियों अशोक कुमार, विंग कमांडर राजेंद्र कुमार गोदारा, डॉ विकाश ऐचरा और केशर सिंह बुगालिया की स्मृति में स्कूल को कैडेट ऑफ द ईयर ट्रॉफी प्रदान की। स्कूल के प्राचार्य ने विद्यालय परिवार की ओर से सभी पूर्व छात्रों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
पूर्व छात्र सम्मेलन में स्कूल के विकास और विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए गए। सिल्वर जुबली बैच 1994-2001 के कर्नल सुभाष बसेरा और वर्तमान स्कूल कैप्टन मधुसुदन सिंह राठौड़ ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम का मंच संचालन कैडेट आदित्य ने किया।
सम्मेलन में जिला कलेक्टर डॉ. मंजू, जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव, आईपीएस अनिल कुमार बेनीवाल, कर्नल सुभाष बसेरा, आईआरएस जसबीर खिचड, काविल रमन, कोमोडोर यशवंत कुमावत, कर्नल प्रमोद बडसरा, कर्नल अजय ढील, कर्नल संजय चौधरी, ग्रुप कैप्टेन आर के डूडी, कमांडेंट कमलेश पूनिया, कर्नल सुनील कुमार जिंदल, एजीएम सुरेन्द्र सिंह जाखड़, एडीआरएम करनी राम, कमांडेंट अजय यादव और रमेश पलसानिया सहित सिल्वर जुबली बैच के सभी पूर्व छात्र तथा स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सिल्वर जुबली बैच के पूर्व छात्रों ने कैडेट्स मैस में विद्यार्थियों के साथ लंच किया। इसके बाद शाम को स्कूल के इंडोर स्टेडियम में बास्केटबॉल मैच आयोजित किया गया। सम्मेलन में पुरानी यादों को साझा करने के साथ विद्यालय के विकास, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और दिवंगत साथियों की स्मृति को संजोने से जुड़े आयोजन प्रमुख रहे।

Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
बीट और कवरेज
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
