ग्रामीण सेवा शिविरों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, मौके पर ही निस्तारित हुईं आमजन की समस्याएं
चित्तौड़गढ़ के ग्रामीण सेवा शिविरों में कई गांवों की समस्याओं का मौके पर समाधान हुआ। आवास, भूमि विवाद और पट्टा मामलों के निस्तारण से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली, जिससे प्रशासनिक कार्यशैली की प्रभावशीलता सामने आई।

कपासन की ग्राम पंचायत छापरी में ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लाभार्थी को आवास स्वीकृति पत्र और दस्तावेज सौंपे जाते हुए।
चित्तौड़गढ़ जिले में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों ने एक बार फिर ग्रामीणों के लिए राहत और समाधान का माध्यम बनकर प्रशासनिक कार्यशैली की सक्रियता को उजागर किया है। विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित इन शिविरों में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचाया गया, वहीं कई लंबित समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया गया।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को प्रशासनिक सेवाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ उनके निकटतम स्थान पर सुलभ कराना है। इन शिविरों में राजस्व, पंचायती राज, विद्युत, कृषि सहित अनेक विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया गया।
गंगरार पंचायत समिति के साड़ास, कपासन के छापरी, भूपालसागर के उसरोल, राशमी के सिंहाना, बेगूं के माधोपुर एवं नंदवाई, निम्बाहेड़ा के मरजीवी एवं कोटडी कलां, बस्सी, बड़ी सादड़ी के पिण्ड, डूंगला के मंगलवाड़ तथा चित्तौड़गढ़ क्षेत्र के अरनिया पंथ एवं घोसुण्डी सहित कुल 13 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया गया।
कपासन पंचायत समिति की ग्राम पंचायत छापरी में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नाराणी बाई पत्नी नाथूलाल कुम्हार को पक्का मकान स्वीकृत होने से उनके वर्षों पुराने कच्ची झोपड़ी में जीवन यापन का संकट समाप्त हो गया। लाभार्थी ने राज्य सरकार एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत सिंहाना में मेदखेड़ी निवासी काश्तकार कंकू बाई पत्नी सवाईराम गुर्जर की निजी कृषि भूमि से जुड़े सहखातेदारी विवाद का समाधान राजस्व विभाग की त्वरित कार्रवाई से किया गया। जमाबंदी एवं नक्शे के आधार पर तहसीलदार राशमी द्वारा बंटवारा प्रक्रिया पूर्ण किए जाने के बाद काश्तकार ने राहत की भावना व्यक्त की।
सिंहाना ग्राम पंचायत में ही पंचायती राज नियम-157 के तहत बालूराम शर्मा को लंबे समय से लंबित पट्टा जारी किया गया, जिससे उनके आवासीय विवाद का समाधान हुआ और लाभार्थी ने संतोष व्यक्त किया।
वहीं ग्राम पंचायत करजाली में रास्ते को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद का समाधान भी ग्रामीण सेवा शिविर में किया गया। उपखण्ड अधिकारी राजेश सुवालका, तहसीलदार मोहम्मद नासिर बेग, भू-अभिलेख निरीक्षक गिरधारी लाल खटीक एवं पटवारी भरत सुढबड़ा की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझाइश कराई गई, जिसके बाद आपसी सहमति से राजीनामा प्रस्तुत किया गया और खेत तक आवागमन का मार्ग सुनिश्चित हुआ।
इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन ने न केवल पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया, बल्कि लंबे समय से लंबित विवादों का भी त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। इससे ग्रामीणों में संतोष और विश्वास का वातावरण सुदृढ़ हुआ है तथा सरकारी सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता को नई गति मिली है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
