चित्तौड़गढ़: जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, महानिदेशक ने दिए निर्देश
महानिदेशक अनिल पालीवाल और कलेक्टर आलोक रंजन ने सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए 'वन इंस्टिट्यूट मैकेनिज्म' और ब्लैक स्पॉट्स सुधार पर जोर दिया।

चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारी और विभाग प्रतिनिधि।
चित्तौड़गढ़। जिला सड़क सुरक्षा समिति की माह फरवरी की समीक्षा बैठक गुरूवार को जिला कलक्टर एवं समिति अध्यक्ष आलोक रंजन की अध्यक्षता में तथा विशिष्ट अतिथि महानिदेशक ट्रैफिक, प्रशिक्षण एवं सड़क सुरक्षा अनिल पालीवाल के सान्निध्य में आयोजित की गई।
बैठक में डेटा प्रस्तुतीकरण एवं विश्लेषण
बैठक में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। इसमें निम्नलिखित विवरण प्रस्तुत किए गए:
- ई-डीएआर एवं सी-डीएआर प्रणाली के माध्यम से दुर्घटनाओं की प्रविष्टि और डेटा एनालिटिक्स।
- वर्ष 2001 से 2025 तक दुर्घटनाओं का वर्षवार विवरण।
- दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण, समय एवं संवेदनशील स्थानों का विश्लेषण।
- जिले के 27 हाई एक्सीडेंट प्रोन ब्लैक स्पॉट्स की स्थिति।
- सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत की गई गतिविधियाँ, प्रवर्तन कार्यवाही तथा जिला सड़क सुरक्षा कार्ययोजना।
महानिदेशक अनिल पालीवाल के निर्देश
पालीवाल ने जिले को औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए सड़क सुरक्षा के लिए "वन इन्स्टीट्यूट मेकेनिजम विकसित करने" के निर्देश दिए तथा "उद्योगों एवं परिवहनकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने" पर जोर दिया।
इंजीनियरिंग और बुनियादी ढांचा निर्देश:
- एनएचएआइ, एनएच, पीडब्ल्यूडी एंव आरएसआरडीसी को अनाधिकृत कट बंद करने तथा पीडीपीपी एक्ट के तहत कार्यवाही करने के निर्देश।
- फ्लाईओवर, क्रॉसिंग प्वाइंट्स एवं पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित वॉक-वे विकसित करने के निर्देश।
- टोल एजेंसियों को जेसीबी, क्रेन, एम्बुलेंस एवं फायर ब्रिगेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश।
विभागीय प्रवर्तन और सुरक्षा मानक:
- परिवहन विभाग को बसों की रैंडम चेकिंग, इमरजेंसी एग्जिट, फायर एक्सटिंग्विशर, एसी बसों की वायरिंग एवं सुरक्षा मानकों की जांच के निर्देश।
- चिकित्सा विभाग को एम्बुलेंस डिप्लॉयमेंट, ट्रॉमा सेंटर मैपिंग, चौबीसों घंटे फर्स्ट एड सुविधा तथा ड्राइवरों के लिए आई-चेकअप कैंप आयोजित करने के निर्देश।
- पुलिस विभाग को परिवहन विभाग के साथ मिलकर ओवरस्पीडिंग एवं शराब सेवन कर वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश।
- टोल नाकों पर रैंडम चेकिंग, बसों में ज्वलनशील सामग्री की जांच तथा खतरनाक पदार्थों के परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश।
- टोल प्लाजा पर ऊंचे निगरानी मंच स्थापित कर सघन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश।
जिला कलक्टर आलोक रंजन की प्राथमिकताएं
जिला कलक्टर आलोक रंजन ने जिला परिवहन अधिकारी को परिवहनकर्ता एवं उद्योग प्रतिनिधियों की बैठक तत्काल बुलाने, तथा टोल एजेंसियों को फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस एवं क्रेन की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रम्बल स्ट्रिप, रोड मार्किंग, स्पीड कंट्रोल उपाय तथा पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग एवं फुटओवर ब्रिज के निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
अनुपालना और उपस्थिति
अंत में अध्यक्ष ने सभी विभागों को विशिष्ट अतिथि द्वारा दिए गए निर्देशों की अनुपालना रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह, सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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