चित्तौड़गढ़: राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की कार्यशाला, प्रार्थना सभा पर जोर
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की कार्यशाला में शिक्षकों को विद्यालय में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभावना का वातावरण तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया।

तस्वीर में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यशाला के दौरान लाल कुर्सियों पर बैठे शिक्षक दिखाई दे रहे हैं।
बड़ीसादड़ी। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) जिला चित्तौड़गढ़ के तत्वावधान में प्रभावी प्रार्थना सभा एवं ‘हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ’ आयाम को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला रविवार को जिला मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंभानगर में आयोजित हुई। कार्यशाला में शिक्षकों को प्रार्थना सभा को संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभावना का माध्यम बनाने तथा विद्यालय को ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का केंद्र विकसित करने का प्रशिक्षण दिया गया।
जिला मंत्री निर्भय राम धाकड़ ने बताया कि उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा, विशिष्ट अतिथि जिला पालक कार्यकर्ता निधि छिपा, प्रदेश संयुक्त मंत्री रमेश चंद्र पुरोहित और संभाग संयुक्त मंत्री तेजपाल सिंह शक्तावत रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष कैलाश चंद्र मालू ने की। ‘हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ’ विषय पर प्रदेश प्रकोष्ठ के सदस्य प्रकाश चंद्र बक्षी तथा प्रभावी प्रार्थना सभा विषय पर जिला मंत्री निर्भय राम धाकड़ ने मार्गदर्शन दिया।
प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने कहा कि प्रार्थना सभा को प्रभावी बनाकर विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभावना का विकास किया जा सकता है। ‘हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ’ की अवधारणा के तहत संगठन के अनेक विद्यालय रोल मॉडल के रूप में विकसित हो रहे हैं। इन विद्यालयों की गतिविधियों का अवलोकन करने के लिए अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है, जिससे देशभर के विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण का निर्माण हो सके।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 के भारत का भविष्य तैयार करने की जिम्मेदारी आज के शिक्षकों पर है। विद्यालयों से ऐसी भावी पीढ़ी तैयार होनी चाहिए, जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
निर्भय राम धाकड़ ने प्रभावी प्रार्थना सभा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रार्थना सभा विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार, नैतिक मूल्यों, राष्ट्रभावना एवं सामाजिक चेतना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना, मौन प्रार्थना, ब्रह्मनाद/ॐकार उच्चारण, गुरु वंदना, प्रतिज्ञा, मासिक अमृत वचन, संस्कार सुभाषित, मासिक गीत, पर्यावरण संकल्प एवं साप्ताहिक गतिविधियों को नियमित रूप से शामिल करने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि सोमवार को बोध कथा, मंगलवार को समाचार समीक्षा, बुधवार को पुस्तक परिचय, गुरुवार को महापुरुषों के जीवन परिचय तथा शुक्रवार को विज्ञान एवं नवीन तकनीक पर चर्चा कराई जा सकती है। शनिवार को स्वास्थ्य चर्चा, वनस्पति परिचय, योग-प्राणायाम एवं सूर्य नमस्कार जैसी गतिविधियों को शामिल करने का सुझाव दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रोटोकॉल के अनुरूप योग गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा प्रार्थना सभा के समापन पर राष्ट्रगान के बाद विद्यार्थियों के कक्षा-कक्षों में अनुशासित एवं सुव्यवस्थित प्रस्थान की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
जिला पालक निधि छिपा ने कहा कि महासंघ द्वारा तैयार ‘संस्कार सरिता’ का विद्यालयों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। इसके माध्यम से प्रार्थना सभा को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित एवं संस्कारपरक बनाया जा सकता है।
द्वितीय सत्र में मुख्य वक्ता प्रकाश चंद्र बक्षी ने ‘हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ’ आयाम पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षण-अधिगम का केंद्र नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, संस्कृति, सामाजिक चेतना एवं राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज में विद्यालय के प्रति आत्मीयता, सम्मान एवं अपनत्व की भावना विकसित करना आवश्यक है। ‘हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ’ की अवधारणा के माध्यम से विद्यालय को ज्ञान, संस्कार, सेवा, अनुशासन एवं राष्ट्र निर्माण का केंद्र बनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यशाला में महासंघ की कार्यपद्धति एवं रीति-नीति के अनुरूप विद्यालयों में सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी चर्चा हुई।
कार्यशाला के दौरान आगामी 18 एवं 19 सितम्बर को आयोजित होने वाले शिक्षक सम्मेलन की तैयारियों पर भी मंथन किया गया। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को दायित्व सौंपने तथा अधिकाधिक शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
प्रदेश संयुक्त मंत्री रमेश चंद्र पुरोहित ने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, संस्कृति, अनुशासन और राष्ट्रभावना का वातावरण तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने महासंघ के विभिन्न आयामों को विद्यालय स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिला संगठन मंत्री जोगेंद्र सिंह राणावत, जिला महिला संगठन मंत्री मधु जैन, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष भंवर सिंह मुरलिया, उपाध्यक्ष हमीर सिंह राजपूत, जिला महिला उपाध्यक्ष दीपिका झाला, अतिरिक्त जिला मंत्री राजेंद्र कुमार गगरानी, जिला कोषाध्यक्ष गोपाल लाल जाट, जिला संयुक्त मंत्री वर्दी सिंह मीणा, बड़ीसादड़ी खंड अध्यक्ष पूरण मल, दिनमान वशिष्ठ भदेसर, सूबे सिंह भूपालसागर, मांगी लाल सुथार निम्बाहेड़ा, कालू लाल रायका चित्तौड़गढ़, गोवर्धन लाल शर्मा डूंगला, कृष्ण गोपाल नामधर कपासन, विकास कुमार आचार्य राशमी, लोकेश श्रोत्रिय गंगरार, गोपाल लाल धाकड़ बेगूं, मुरलीधर शर्मा व देवीलाल तेली सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

Pradeep Vaishnav, Chittorgarh
नाम: प्रदीप वैष्णव
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: बड़ी सादड़ी तहसील
अनुभव: 26 साल (सन 2000 से 'प्रातःकाल' के साथ कार्यरत)
परिचय
प्रदीप वैष्णव बड़ी सादड़ी तहसील क्षेत्र के एक अनुभवी पत्रकार हैं। वह स्थानीय समाचारों, सामाजिक गतिविधियों, शिक्षा और क्राइम रिपोर्टिंग के क्षेत्रों में मुख्य रूप से सक्रिय हैं। वह सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रखते हैं। तथ्यात्मक और सरल रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देना तथा जनहित से संबंधित विषयों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।
बीट और विशेषज्ञता
- स्थानीय समाचार: बड़ी सादड़ी तहसील और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय व सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग।
- क्राइम: क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और अपराध से जुड़े मामलों की कवरेज।
- शिक्षा: शैक्षणिक गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े विषय और शिक्षा संबंधी समाचार।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
B.A. जर्नलिज्म (पत्रकारिता में स्नातक)
