भक्ति की शुरुआत चेकअप की उम्र में नहीं, बल्कि मेकअप की उम्र में ही हो जानी चाहिए। भक्ति पचपन की उम्र का विषय नहीं, बल्कि बचपन से मिलने वाले संस्कारों का विषय है। यह बात संत दिग्विजयराम ने रामद्वारा में चातुर्मासिक सत्संग के तहत आयोजित महा शिव पुराण कथा के वाचन के दौरान कही।

संत दिग्विजयराम ने कहा कि माता पार्वती का बाल्यकाल से ही शिव भक्ति में मन लग गया था। भक्ति का मंगलाचरण उस समय होना चाहिए, जब व्यक्ति का विवेक जागृत हो जाए। उन्होंने कहा कि भक्ति पचपन की उम्र का नहीं, बचपन का विषय है। भक्ति के संस्कार बाल्यावस्था से ही होने चाहिए। बचपन से की गई भक्ति पचपन की उम्र में जागृत होती है।

कथा के दौरान संत ने शिव पुराण के प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि सती ने अगले जन्म में मैना के घर पुत्री के रूप में जन्म लेने की भावना के साथ प्राण त्यागे थे। इसके बाद उन्होंने मैना के गर्भ से माता पार्वती के रूप में जन्म लिया और अपनी भक्ति व तपस्या से भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया।

उन्होंने बताया कि सम्मान नहीं करने पर सनकादिक ऋषियों के श्राप के कारण मैना, उनकी बहन गन्या व कलावती को मृत्युलोक में पितृों के यहां जन्म लेना पड़ा। सनकादिक ऋषियों से तीनों बहनों की ओर से क्षमायाचना करने पर उन्हें वरदान मिला कि मैना का विवाह हिमालय से होगा और उनके गर्भ से माता पार्वती जन्म लेंगी।

इसी प्रकार गन्या को राजा जनक की पत्नी होने और उनके गर्भ से माता सीता के जन्म का तथा कलावती को वृषभान की पत्नी होने और उनके गर्भ से राधा के जन्म का वरदान दिया गया। तीनों पुत्रियों के तप से उन्हें पुनः स्वर्गलोक की प्राप्ति हुई।

बाद में 27 साल तक तपस्या करने के बाद मैना को जगत जननी ने वरदान दिया कि उनके सौ पुत्र होंगे और वे स्वयं उनके गर्भ से पुत्री के रूप में जन्म लेंगी।

रामद्वारा में प्रतिदिन शिव पुराण कथा का श्रवण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। चातुर्मासिक सत्संग के तहत चल रही कथा में भक्ति, तपस्या और संस्कारों से जुड़े इन प्रसंगों का श्रवण श्रद्धालु कर रहे हैं।

Piyush Mundara, Chittorgarh

Piyush Mundara, Chittorgarh

नाम: पियूष मूंदड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: साल 2013 से

विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग

बीट और कवरेज 

  • स्थानीय समाचार: चित्तौड़गढ़ जिला और संबंधित तहसीलों की सभी स्थानीय खबरों की नियमित कवरेज।
  • क्राइम एवं वन्य जीव: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, अपराध संबंधी घटनाओं के साथ-साथ वन्य जीव और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • राजनीति: स्थानीय निकाय, संगठनात्मक गतिविधियां और क्षेत्रीय राजनीतिक घटनाक्रम।
  • प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय, जनसुनवाई और विकास कार्यों की समीक्षा।
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: शैक्षणिक संस्थानों की गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे, चिकित्सा सेवाएं और स्वास्थ्य योजनाओं का कवरेज।
  • बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक समाचार।

शैक्षणिक योग्यता

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

Next Story