चित्तौड़गढ़: बड़ोदिया में आंधी-बारिश के कारण पेड़ गिरने से दो गायों की मौत
बड़ोदिया गांव में चक्रवाती हवाओं और भारी बारिश के कारण एक विशाल पेड़ उखड़कर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर नीचे बैठी दो गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

चित्तौड़गढ़ के बड़ोदिया गांव में गुरुवार रात आए तेज अंधड़ और मूसलाधार बारिश के दौरान अपनी जान बचाने के लिए पेड़ के नीचे बैठी दो गायों की भारी-भरकम तने के नीचे दबने से मौत हो गई।
चित्तौड़गढ़। जनपद के बड़ोदिया गांव में गुरुवार की रात मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। क्षेत्र में आई विनाशकारी तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के चलते एक विशालकाय वृक्ष जड़ से उखड़कर धराशायी हो गया, जिसकी चपेट में आने से उसके नीचे बैठे दो बेजुबान गोवंश की मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात्रि को अचानक तेज हवाओं के झोंकों के साथ मूसलाधार वर्षा का दौर शुरू हुआ था। मौसम के इस अप्रत्याशित और उग्र बदलाव के साथ ही चल रही चक्रवाती हवाओं से स्वयं का बचाव करने के लिए दो गायों ने एक विशाल पेड़ के नीचे शरण ली थी। हालांकि, अंधड़ का वेग इतना भीषण था कि वह भारी-भरकम वृक्ष अपनी जड़ें छोड़कर सीधे उन बेजुबान गायों के ऊपर जा गिरा। वजनी पेड़ के तने और डालियों के नीचे बुरी तरह दब जाने के परिणाम स्वरूप दोनों गायों ने तड़पकर मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस प्राकृतिक आपदा और तूफानी बारिश का प्रकोप केवल इसी एक घटना तक सीमित नहीं रहा। रात भर चले इस तीव्र अंधड़ के कारण बड़ोदिया गांव सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में कई अन्य स्थानों पर भी छोटे-बड़े अनेक पेड़ टूटकर जमीन पर आ गिरे। अंधड़ के भीषण प्रभाव से क्षेत्र की संपूर्ण बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई तथा विद्युत तार टूटने के कारण रात्रि में ही पूरे गांव की बिजली गुल हो गई।
विपरीत मौसम और रात के घने अंधेरे के कारण इस हृदयविदारक हादसे की भनक रात में किसी भी ग्रामीण को नहीं लग सकी। शुक्रवार सुबह जब मौसम साफ हुआ और धरातल पर लोगों की आवाजाही पुनः प्रारंभ हुई, तब जाकर स्थानीय गो भक्तों और ग्रामीणों को इस दुखद घटना की जानकारी मिली। बेजुबान गोवंश की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में गो भक्त तत्काल मौके पर एकत्रित हो गए।
ग्रामीणों और गो भक्तों ने कुल्हाड़ी तथा अन्य पारंपरिक औजारों का प्रबंध कर भारी मशक्कत के बाद पेड़ की मजबूत डालियों को काटकर हटाया और नीचे दबे दोनों मृत गायों के शवों को बाहर निकाला। इसके पश्चात, सभी गो भक्तों ने मिलकर दोनों मृत गायों को पूरी श्रद्धा के साथ एक सुरक्षित स्थान पर ले जाकर विधि-विधान के साथ भूमिगत कर दफनाया। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे बड़ोदिया गांव और स्थानीय गो भक्तों में गहरा शोक व्याप्त है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
