रेल्वे स्टेशन का बदलेगा स्वरूप, डबलिंग कार्य अंतिम चरण में—महाप्रबंधक प्रदीप कुमार का निरीक्षण
रतलाम-नीमच-चित्तौड़गढ़ सेक्शन में डबल ट्रैक बनने से ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी, स्टेशन पर 50-60 करोड़ की लागत से नई बिल्डिंग प्रस्तावित

चित्तौड़गढ़। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने मंगलवार को रतलाम से चित्तौड़गढ़ के बीच रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ट्रेन में सफर करते हुए उन्होंने पूरे ट्रैक, सिग्नल सिस्टम और स्टेशनों की स्थिति को करीब से देखा तथा संरक्षा मानकों के पालन की पुष्टि की।
निरीक्षण के दौरान रतलाम-नीमच-चित्तौड़गढ़ रेलखंड पर चल रहे डबलिंग कार्य पर विशेष ध्यान केंद्रित रहा। अधिकारियों ने बताया कि इस सेक्शन की कुल लंबाई करीब 134 किलोमीटर है, जिसमें से केवल 18 किलोमीटर का कार्य शेष रह गया है। नीमच से रतलाम के बीच डबलिंग का कार्य तेजी से प्रगति पर है और अंतिम चरण में पहुंच चुका है। कार्य पूर्ण होते ही रतलाम-चित्तौड़गढ़ रेलखंड पर पूर्ण डबल ट्रैक उपलब्ध हो जाएगा, जिससे ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा तथा मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ाने में सुविधा मिलेगी।
महाप्रबंधक ने मंदसौर रेलवे स्टेशन पर रुककर वहां चल रहे पुनर्विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया। मध्य प्रदेश में एक सीमेंट साइडिंग पर इलेक्ट्रिफिकेशन की आवश्यकता पर भी ध्यान दिया गया, जिससे वहां कार्य संचालन और बेहतर हो सके। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में रेलवे के व्यापार को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास को लेकर महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने बताया कि कार्य शीघ्र प्रारंभ होने की योजना है। प्रस्तावित योजना के अनुसार स्टेशन की नई बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा, जिसकी लंबाई करीब 70 से 80 मीटर होगी। यह भवन ग्राउंड फ्लोर सहित दो मंजिला होगा और पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 50 से 60 करोड़ रुपए व्यय होने का अनुमान है। स्टेशन का डिजाइन स्थानीय वास्तुकला के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे चित्तौड़गढ़ की ऐतिहासिक पहचान झलकेगी। राणा प्रताप द्वार से मीरा द्वार के बीच के हिस्से में मुख्य बदलाव प्रस्तावित हैं, वहीं सर्कुलेटिंग एरिया और अन्य सुविधाओं को भी उन्नत किया जाएगा।
महाप्रबंधक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को अगले वित्तीय वर्ष में अंतिम स्वीकृति मिलने की संभावना है। डिजाइन और बजट की मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य तेजी से प्रारंभ किया जाएगा। रेलवे का उद्देश्य आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्टेशन को आधुनिक और सुविधाजनक बनाना है, ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।
विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण के दौरान ट्रैक की स्थिति, सिग्नल सिस्टम और रखरखाव कार्यों की गहन समीक्षा की गई। महाप्रबंधक ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर किया जा सके और भविष्य में लापरवाही की गुंजाइश न रहे। यह निरीक्षण रेलवे संचालन की सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
