चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर ऑटो का चालान काटने की कार्रवाई के दौरान शुरू हुआ विवाद मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोपों तक पहुंच गया। ऑटो चालक साहिल ने जीआरपी के एएसआई नरेश कुमार पर थाने के अंदर ले जाकर मारपीट करने, पहले से घायल हाथ को जोर से मरोड़ने और गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद अजमेर जीआरपी एसपी के मौखिक आदेश पर संबंधित एएसआई को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं, जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच केवल बहस हुई थी और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

मोहर मंगरी निवासी साहिल पुत्र मुजीफ मोहब्बत ने बताया कि मंगलवार रात वह अपने दिव्यांग चचेरे भाई को कोटा जाने वाली ट्रेन में बैठाने के लिए रेलवे स्टेशन गया था। इस दौरान उसने अपना ऑटो स्टेशन के बाहर खड़ा कर दिया। करीब 20 मिनट बाद जब वह वापस लौटा तो ऑटो की पीछे वाली सीट गायब मिली। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ करने पर उसे पता चला कि जीआरपी के पुलिसकर्मी सीट हटाकर ले गए हैं।

इसके बाद साहिल पुलिसकर्मियों के पास पहुंचा और सीट हटाने के बारे में जानकारी ली। पुलिसकर्मियों ने उसे बताया कि ऑटो नो पार्किंग क्षेत्र में खड़ा था, इसलिए उसका चालान बनाया जाएगा। साहिल के अनुसार, पुलिस ने नो पार्किंग के लिए 100 रुपए और प्लेटफॉर्म टिकट के लिए 250 रुपए जमा कराने की बात कही। उसने इस पर कोई विरोध नहीं किया और चालान भरने के लिए तैयार हो गया।

साहिल का आरोप है कि इसी दौरान सिविल ड्रेस में जीआरपी के एएसआई नरेश कुमार मौके पर पहुंचे। साहिल ने आरोप लगाया कि एएसआई नशे की हालत में थे और उन्होंने वहां मौजूद कांस्टेबल को उसे अंदर ले जाने के लिए कहा। इसके बाद उसे जीआरपी थाने के अंदर ले जाया गया, जहां नाम-पता पूछने के बाद उसके साथ मारपीट की गई।

ऑटो चालक के मुताबिक, उसका एक हाथ पहले से घायल है, लेकिन मारपीट के दौरान उसी हाथ को जोर से मरोड़ा गया, जिससे दर्द बढ़ गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे गोली मारने तक की धमकी दी गई। साहिल का कहना है कि थाने में मौजूद एक कांस्टेबल ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। किसी तरह थाने से बाहर निकलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा।

घटना के बाद साहिल शिकायत लेकर सदर थाने पहुंचा, लेकिन वहां उसका मामला दर्ज नहीं हुआ। सदर थाने के एएसआई बलवंत सिंह ने बताया कि घटना जीआरपी थाने के अंदर हुई है और आरोप भी जीआरपी के एएसआई पर लगाए गए हैं। ऐसे में कानूनी कार्रवाई और रिपोर्ट जीआरपी थाने में ही दर्ज होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला सदर थाने के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए वहां रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाएगी।

वहीं, जीआरपी थाना प्रभारी सोमेंद्र कुमार ने कहा कि युवक की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोप कोई भी लगा सकता है, लेकिन अब तक मिली जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच केवल बहसबाजी हुई थी। थाना प्रभारी के मुताबिक, पूरे मामले की जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

हालांकि, घटना के बाद अजमेर जीआरपी एसपी के मौखिक आदेश पर एएसआई नरेश कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। अब मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऑटो चालान से शुरू हुए इस विवाद में एक ओर चालक ने थाने के अंदर मारपीट और धमकी के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं जीआरपी ने फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बहस होने की बात कही है। जांच रिपोर्ट से ही आरोपों की स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।

Piyush Mundara, Chittorgarh

Piyush Mundara, Chittorgarh

नाम: पियूष मूंदड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: साल 2013 से

विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग

बीट और कवरेज 

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  • बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक समाचार।

शैक्षणिक योग्यता

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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