चित्तौड़गढ़। हिंदू धर्म की प्राचीन संत परंपरा और सर्वोच्च आध्यात्मिक पीठों के रक्षक माने जाने वाले शंकराचार्य की गरिमा पर कथित प्रहार को लेकर अब सियासी गलियारों से लेकर आम जनमानस तक उबाल देखा जा रहा है। चित्तौड़गढ़ में शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के तत्वावधान में आज एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने योगी और मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एक गहरा राजनैतिक षड्यंत्र रचा जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को हिंदू आस्था पर चोट करार देते हुए कहा कि प्रयागराज स्थित ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य लंबे समय से गौ सेवा और गौ रक्षा के मुद्दे को प्रखरता से उठा रहे हैं। विशेषकर भारत से गौ-मांस के निर्यात में हो रही वृद्धि और उत्तर प्रदेश के इस सूची में अग्रणी राज्य बनने पर शंकराचार्य ने मुखर विरोध दर्ज कराया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इसी सत्य को दबाने के लिए योगी सरकार ने दमनकारी नीति अपनाई है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम स्नान के दौरान शंकराचार्य के साथ न केवल पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उनके शिष्यों और बटुकों के साथ मारपीट भी की गई।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब हाल ही में शंकराचार्य पर एक हिस्ट्रीशीटर द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पूर्व राज्यमंत्री जाड़ावत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक अपराधी छवि के व्यक्ति द्वारा, जो स्वयं को किसी अन्य धार्मिक गुरु का शिष्य बताता है, शंकराचार्य जैसी विभूति पर आरोप लगवाना किसी बड़े राजनैतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। उन्होंने अंदेशा जताया कि उत्तर प्रदेश सरकार राजनैतिक द्वेष के चलते शंकराचार्य को बंदी बना सकती है या उन्हें शारीरिक क्षति पहुँचाई जा सकती है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने और शंकराचार्य पर दर्ज 'झूठी' एफआईआर को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान चुनावी चंदे और विचारधारा के विरोधाभास पर भी प्रहार किया गया। जाड़ावत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से उन कंपनियों से भी चंदा लिया है जो गौकशी के कार्यों में संलिप्त हैं। प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश मूंदड़ा, अनिल सोनी, विक्रम जाट सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह मुद्दा आने वाले समय में एक बड़ा धार्मिक और राजनैतिक मोड़ ले सकता है। अंततः, इस ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की गुहार लगाई गई है ताकि सनातन धर्म के सर्वोच्च पदों की गरिमा और सुरक्षा अक्षुण्ण बनी रहे।

Piyush Mundara, Chittorgarh

Piyush Mundara, Chittorgarh

नाम: पियूष मूंदड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: साल 2013 से

विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग

बीट और कवरेज 

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शैक्षणिक योग्यता

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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