चित्तौड़गढ़ (प्रात:काल संवाददाता)। लघु उद्योग भारती महिला इकाई द्वारा आयोजित 'प्रयास कौशल विकास केंद्र' प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। महिलाओं एवं बालिकाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी एवं रोजगार योग्य बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर ने क्षेत्र में नई उम्मीदें जगाई हैं।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं महिला इकाई अध्यक्ष अंजली शर्मा ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में हुनर ही महिलाओं की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर महिलाओं को आर्थिक रूप से अपने पैरों पर खड़े होने के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं। आयोजन के दौरान सुरभि बल्दवा द्वारा सभी प्रशिक्षकों का ऊपरना पहनाकर सम्मान किया गया तथा शिविर की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इसी क्रम में पूर्णिमा पुंगलिया एवं राशी मुंदड़ा ने बताया कि यह पहल महिलाओं को व्यावहारिक कौशल से जोड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने हेतु एक सार्थक एवं ठोस प्रयास है।

मंच साझा करते हुए सीमा मेहता एवं विद्या तिवारी ने भी उपस्थित महिलाओं को नए कौशल सीखकर स्वावलंबी बनने तथा स्वरोजगार के अवसरों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। शिविर का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यावहारिक एवं रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में स्वयं का कार्य प्रारंभ कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

प्रशिक्षण सत्र के अंतर्गत आधुनिक डिज़ाइन एवं नवीन तकनीकों के साथ सिलाई प्रशिक्षण दीपशिखा राठौड़ द्वारा, ब्यूटी एवं पार्लर प्रशिक्षण चित्रा गौर द्वारा तथा आकर्षक मेहंदी कला प्रशिक्षण पूजा भट्ट द्वारा प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण की पूर्ण अवधि में सभी प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से कार्य सीखने का सुअवसर प्राप्त होगा, जो उन्हें भविष्य में कुशल उद्यमी बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा। यह शिविर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

Updated On
Pratahkal HQ

Pratahkal HQ

Next Story