चित्तौड़गढ़: ऑपरेशन त्रिनेत्र में 164 वाहनों की नीलामी, 85 लाख का राजस्व
निम्बाहेड़ा में आयोजित खुली बोली के जरिए एनडीपीएस और पुलिस एक्ट में जब्त वाहनों का निस्तारण कर सरकारी खजाने में जमा की गई राशि।

जिला पुलिस चित्तौड़गढ़ द्वारा संचालित 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के अंतर्गत जब्त एवं लावारिस वाहनों के निस्तारण हेतु आयोजित की गई सार्वजनिक खुली नीलामी ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न हुई। इस वृहद प्रक्रिया के दौरान कुल 164 वाहनों की नीलामी की गई, जिससे सरकारी राजकोष को 85 लाख रुपये से अधिक का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है। पुलिस की इस कार्रवाई में मादक पदार्थों की तस्करी (एनडीपीएस एक्ट) में संलिप्त रहे 26 वाहन तथा पुलिस अधिनियम के तहत जब्त किए गए 138 वाहन शामिल थे। संपूर्ण नीलामी प्रक्रिया को सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के पश्चात पूर्ण पारदर्शिता, नियमानुसार खुली प्रतिस्पर्धात्मक बोली के माध्यम से पारदर्शिता के साथ पूर्ण किया गया।
जिला पुलिस अधीक्षक श्री मनीष त्रिपाठी ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्षों से विभिन्न पुलिस थानों और चौकियों के प्रांगण में खड़े लावारिस, अनुपयोगी एवं निस्तारण योग्य दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों का कानून सम्मत समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह नीलामी आयोजित की गई। प्रशासन द्वारा नीलामी से पूर्व ही सभी वाहनों की सूची सार्वजनिक कर दी गई थी और इच्छुक बोलीदाताओं को वाहनों के भौतिक निरीक्षण की समुचित सुविधा भी प्रदान की गई थी।
शुक्रवार को निम्बाहेड़ा स्थित वंडर सीमेंट टाउन हॉल में आयोजित इस सार्वजनिक नीलामी में आम जनता और कबाड़ व्यवसायियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। खुली बोली की पारदर्शी प्रक्रिया के तहत प्रत्येक वाहन का आवंटन उच्चतम बोलीदाता के पक्ष में किया गया। इस पूरी कार्रवाई का संपादन संबंधित उच्चाधिकारियों की कड़ी निगरानी में हुआ। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्रीमती सरिता सिंह ने बताया कि 85 लाख रुपये से अधिक का यह राजस्व न केवल वित्तीय लाभ है, बल्कि इससे पुलिस परिसरों में लंबे समय से लंबित वाहनों की समस्या का स्थायी समाधान हुआ है। इससे थानों में रिक्त स्थान की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक सुव्यवस्थित होगी। साथ ही, खुले में खड़े सड़ रहे इन वाहनों से उत्पन्न होने वाली पर्यावरणीय चुनौतियों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं से भी विभाग को बड़ी राहत मिली है।
जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भविष्य में भी इस प्रकार की निस्तारण कार्रवाइयाँ पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ नियमित रूप से जारी रहेंगी। इस महत्वपूर्ण नीलामी प्रक्रिया के दौरान एडीएम (भू-अवाप्ति) श्री रामचन्द्र खटीक, एएसपी चित्तौड़गढ़ श्रीमती सरिता सिंह, उपकोष कार्यालय निम्बाहेड़ा से श्री कैलाश भराडिया, परिवहन विभाग के उप निरीक्षक हरगोविंद, पुलिस निरीक्षक जोधाराम गुर्जर, वरिष्ठ लेखाकार शैलेश बोरीवाल तथा एएसआई मनोज आमैठा सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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