चित्तौड़गढ़ में द्वारिका धाम कॉलोनी में दिनदहाड़े लूट का 24 घंटे में पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार
चित्तौड़गढ़ की द्वारिका धाम कॉलोनी में दिनदहाड़े हुई लाखों की लूट का मामला 24 घंटे में सुलझ गया है। पुलिस ने 6 बदमाशों को दबोचा है। एफआईआर में दर्ज राशि और असल लूट की हकीकत जानकर आप हैरान रह जाएंगे। जानिए पूरा घटनाक्रम।

चित्तौड़गढ़ कोतवाली थाना परिसर में पुलिसकर्मियों के साथ खड़े गिरफ्तार किए गए छह आरोपी।
चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस ने शहर के व्यस्त द्वारिका धाम कॉलोनी में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज लूट की वारदात का महज 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 6 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई राशि, एटीएम कार्ड, एक एप्पल मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। शुरुआती जांच में जहां एफआईआर में 4 लाख 90 हजार रुपये की लूट लिखवाई गई थी, वहीं गहन तफ्तीश के बाद वास्तव में दो लाख रुपये की ही लूट होना पाया गया है।
पुलिस के अनुसार घटना 4 जुलाई की है, जब सहनवा निवासी प्रार्थी संजय सालवी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। संजय ने बताया कि उसके बड़े भाई शंकरलाल सालवी ने उसे पत्नी से 4.50 लाख रुपये लेकर चित्तौड़गढ़ आने को कहा था। संजय अपने दोस्त किशन सेन के साथ बाइक से रुपये लेकर चित्तौड़गढ़ के सैंथी इलाके में पहुंचा, जहां वी-2 मार्ट के पास मिले शंकरलाल ने उसे 40 हजार रुपये और दिए। इसके बाद संजय और किशन बाइक से जेतलिया जी की दुकान की तरफ जा रहे थे। रास्ते में वे द्वारिका धाम कॉलोनी में गणपति मंदिर और दरगाह के पास स्थित दीवार पर बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गए। उन्होंने रुपयों से भरा बैग पास में रखा और मोबाइल रखकर सिगरेट पीने लगे। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल और एक जुपिटर स्कूटी पर सवार होकर चार बदमाश आए। मोटरसाइकिल सवार बदमाश ने संजय को दीवार से नीचे धक्का दे दिया और रुपयों से भरा बैग व मोबाइल छीनकर स्कूटी सवार साथियों को दे दिया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
वारदात के बाद पुलिस की गहन जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। प्रार्थी संजय सालवी, उसके भाई और भाभी के बीच रुपयों की सटीक मात्रा को लेकर आपसी स्पष्टता नहीं थी, जिस कारण हड़बड़ाहट में एफआईआर में 4 लाख 90 हजार रुपये की लूट अंकित करवा दी गई थी। हालांकि, पुलिस द्वारा प्रार्थी और परिजनों से गहन पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हुआ कि बैग में कुल दो लाख रुपये की ही राशि थी।
शहर के पॉश इलाके में दिनदहाड़े हुई इस वारदात को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा और वृत्ताधिकारी बृजेश सिंह के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में सदर थानाधिकारी और जिला स्पेशल टीम के जवानों को शामिल किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों के हुलिए व उनकी बाइक और जुपिटर स्कूटी की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर 6 बदमाशों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने 3 अन्य साथियों के साथ मिलकर लूट को अंजाम देना कबूल किया है। पुलिस ने दीपक खटीक, अस्मित राठौड़, आदित्य खोखर, पवन मेघवाल निवासी कच्ची बस्ती, सैंथी, धीरज बैरवा निवासी पंचवटी एवं पवन वैष्णव निवासी सेंट्रल एकेडमी स्कूल के पास, सैंथी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम, सदर थानाधिकारी प्रेम सिंह, उपनिरीक्षक पारस कुमार, सहायक उपनिरीक्षक नवरंग लाल, चांदमल, हरफूल, सुरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल पुष्पेंद्र सिंह, कांस्टेबल ओमप्रकाश, लक्ष्मण सिंह, नंदलाल, राजकुमार, अभिषेक, भजनलाल, विनोद कुमार और डीएसटी व साइबर सेल के रामावतार, प्रहलाद, दुर्गेश, सुनील कुमार व हेमराज की विशेष भूमिका रही।

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