चित्तौड़गढ़ में मां का साया खो चुकी और आर्थिक तंगी से जूझ रही नीरू कीर की पढ़ाई दसवीं कक्षा पास करने के बाद करीब एक साल तक रुकी रही। निजी विद्यालय की बकाया फीस के कारण स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) नहीं मिलने से वह आगे की पढ़ाई शुरू नहीं कर पा रही थी। ऐसे में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने उसकी परेशानी को समझते हुए संबंधित विद्यालयों और परिजनों के बीच समन्वय किया। पुलिस टीम के प्रयासों से नीरू को टीसी और मूल शैक्षणिक दस्तावेज मिले तथा राजकीय शहीद मेजर नटवर शक्तावत विद्यालय में कक्षा 11वीं के कृषि संकाय में उसका नियमित प्रवेश सुनिश्चित हुआ।

जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव के निर्देशन में यह पहल गत जून माह में ग्रीष्मकालीन अभिरुचि एवं कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर के दौरान सामने आई। गश्त के दौरान कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की टीम सुनीता गुर्जर, प्रियंका और दुर्गा बच्चों से संवाद कर रही थी। इसी दौरान नीरू ने अपनी परेशानी साझा की। उसने दसवीं कक्षा उत्तीर्ण कर ली थी, लेकिन निजी विद्यालय की बकाया फीस के कारण उसे टीसी नहीं मिल पा रही थी। इसके चलते उसकी आगे की पढ़ाई बाधित हो गई थी।

नीरू की पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी मिलने के बाद कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की टीम ने उसकी शिक्षा दोबारा शुरू करवाने के लिए प्रयास किए। यूनिट इंचार्ज अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिखाऊ सुगम पँवार, सीआई सुनीता गुर्जर और पुलिसकर्मी प्रियंका व दुर्गा ने संबंधित निजी विद्यालय की प्रधानाध्यापिका से संपर्क किया। टीम ने बालिका की आर्थिक स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियों से अवगत कराते हुए फीस के मामले में राहत देने तथा टीसी जारी करने का आग्रह किया।

विद्यालय प्रबंधन से बातचीत के बाद फीस में रियायत देने पर सहमति बनी। साथ ही, शेष राशि नीरू के ननिहाल पक्ष द्वारा किस्तों में जमा कराने की व्यवस्था तय की गई। इसके बाद उसे टीसी और मूल शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध करवाए गए, जिससे आगे की पढ़ाई में आ रही बाधा दूर हुई।

दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस टीम ने राजकीय शहीद मेजर नटवर शक्तावत विद्यालय से संपर्क किया और नीरू के कक्षा 11वीं के कृषि संकाय में नियमित प्रवेश की प्रक्रिया भी पूरी करवाई। इस तरह करीब एक साल से रुकी उसकी पढ़ाई दोबारा शुरू होने का रास्ता बना और उसे आगे शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला।

कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने नीरू की समस्या सामने आने के बाद संबंधित विद्यालयों और परिजनों के बीच समन्वय स्थापित कर टीसी प्राप्त करने से लेकर नए विद्यालय में प्रवेश तक की प्रक्रिया में सहयोग किया। यह पहल दर्शाती है कि जरूरतमंद बच्चों की शैक्षणिक समस्याओं की समय पर पहचान और संबंधित पक्षों के सहयोग से उनकी पढ़ाई जारी रखने में पुलिस प्रभावी भूमिका निभा सकती है।

Piyush Mundara, Chittorgarh

Piyush Mundara, Chittorgarh

नाम: पियूष मूंदड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: साल 2013 से

विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग

बीट और कवरेज 

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शैक्षणिक योग्यता

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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