आईजीपी रेंज उदयपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के अंतर्गत जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 पुलिस थानों में जब्तशुदा अवैध डोडाचूरा, गांजा व अन्य मादक पदार्थों को न्यायालय से भौतिक सत्यापन व निर्णय के बाद शुक्रवार को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री मनीष त्रिपाठी की उपस्थिति में जिला औषधि व्ययन समिति द्वारा निंबाहेड़ा स्थित वंडर सीमेंट प्लांट की कीलन में की गई, जहां करीब 199 क्विंटल से अधिक मादक पदार्थों को जलाकर नष्ट किया गया।

पुलिस अधीक्षक श्री मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जिले के पुलिस थानों के मालखाने एनडीपीएस एक्ट में जब्त मादक पदार्थों व वाहनों के कारण पूरी तरह भर चुके थे, जिससे अन्य जब्तशुदा सामान रखने में समस्या उत्पन्न हो रही थी। इसी स्थिति को देखते हुए आईजीपी रेंज उदयपुर के निर्देश पर ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत माल निस्तारण और थानों को व्यवस्थित व स्वच्छ रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय की कार्य प्रणाली शाखा द्वारा संबंधित थानाधिकारियों से प्रस्ताव प्राप्त कर रिकॉर्ड तैयार किया गया।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री मनीष त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह, डीवाईएसपी बेगूं अंजलि सिंह, डीवाईएसपी निंबाहेड़ा बद्रीलाल, डीवाईएसपी भदेसर विनोद कुमार, पुलिस निरीक्षक जोधाराम, थानाधिकारी सदर निंबाहेड़ा संजय शर्मा सहित 22 थानों के थाना प्रभारी, मालखाना प्रभारी, कार्यप्रणाली शाखा प्रभारी एएसआई मनोज कुमार एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी आवश्यक रिकॉर्ड का मिलान करने के बाद मादक पदार्थों का वजन किया गया तथा प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी कार्रवाई के दौरान फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी करवाई गई।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थाना चंदेरिया, पारसोली, सदर निंबाहेड़ा, मंगलवाड़, बिजयपुर, गंगरार, रावतभाटा, शंभुपुरा, राशमी, बस्सी, डुंगला, सदर चित्तौड़गढ़, निकुंभ, कोतवाली निंबाहेड़ा, बेगूं, जावदा, कपासन, कनेरा, भैंसरोड़गढ़, भदेसर, भादसोड़ा व कोतवाली चित्तौड़गढ़ सहित कुल 22 पुलिस थानों में दर्ज 102 प्रकरणों में से 84 प्रकरणों में 193 क्विंटल 86 किलोग्राम डोडा चूरा, 8 प्रकरणों में 556 किलो 733 ग्राम गांजा, एक प्रकरण में 6 किलो 920 ग्राम गीले डोडे, एक प्रकरण में 63 ग्राम चरस, एक प्रकरण में 39 ग्राम स्मैक तथा 7 प्रकरणों में 5 किलो 646 ग्राम एमडीएमए तस्करों के कब्जे से जब्त किया गया था।

इन सभी 102 प्रकरणों में जब्तशुदा मादक पदार्थों को जिला औषधि व्ययन समिति चित्तौड़गढ़ द्वारा वंडर सीमेंट के अधिकारियों पूर्णकालिक निदेशक परमानन्द पाटीदार, इकाई प्रमुख नितिन जैन, मुख्य सुरक्षा अधिकारी नगेंद्र सिंह चुंडावत, प्रशासन प्रमुख अखिलेश शाकद्वीपी, सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र सिंह, एएफआर प्रमुख अभिषेक रामदेव, पर्यावरण विभाग राहुल बंसल, इकाई प्रमुख के निजी सहायक पुलकित खमेसरा एवं अन्य टीम की उपस्थिति में कीलन में जलाकर नष्ट किया गया।

यह कार्रवाई न केवल मादक पदार्थों के अवैध भंडारण को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि थानों में लंबित जब्त सामग्री के निस्तारण और व्यवस्था सुधार की दिशा में भी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज की गई है।

Pratahkal Bureau

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