राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने एक बेहद बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले के 17 अलग-अलग पुलिस थानों में विभिन्न मामलों के तहत जब्त किए गए भारी मात्रा में अवैध डोडाचूरा, गांजा, स्मेक और एमडीएमए (MDMA) को न्यायालय से भौतिक सत्यापन व अंतिम निर्णय प्राप्त होने के बाद पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में जिला औषधि व्ययन समिति द्वारा थाना शंभूपुरा के सावा स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री की कीलन (भट्टी) में इस पूरे अवैध जखीरे को जलाकर खाक किया गया। पुलिस द्वारा नष्ट किए गए इस मादक पदार्थ का कुल वजन 66 क्विंटल से अधिक मापा गया है, जिसकी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की मानक कीमतों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ रुपये आंकी गई है।

इस वृहद स्तर की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के विभिन्न पुलिस थानों के मालखाने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत जब्तशुदा मादक पदार्थों और वाहनों की वजह से पूरी तरह से लबालब भरे पड़े हुए थे। इस अत्यधिक भराव के कारण थानों में अन्य आपराधिक मामलों से जुड़े जब्तशुदा मालों और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने में काफी दिक्कतों व समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इसी माल निस्तारण की समस्या को सुलझाने और थानों के परिसर को स्वच्छ व सुव्यवस्थित रखने के विशेष उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय की नॉन एसआर (Non-SR) शाखा द्वारा एक व्यापक मुहिम शुरू की गई। इसके तहत संबंधित थानाधिकारियों से उनके यहां लंबित पड़े मालों के निस्तारण के संबंध में आवश्यक प्रस्ताव प्राप्त किए गए और पूरा कानूनी रिकॉर्ड तैयार किया गया।

नष्टीकरण की इस अति-महत्वपूर्ण और संवेदनशील कानूनी कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, डीएसपी भदेसर विनोद कुमार, पुलिस निरीक्षक जोधाराम, थानाधिकारी शंभूपुरा धर्मराज उपनिरीक्षक सहित सभी संबंधित 17 थानों के थानाधिकारी, मालखाना प्रभारी तथा नॉन एसआर शाखा प्रभारी एएसआई (ASI) मनोज कुमार एवं कार्यालय के अन्य जिम्मेदार कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इन सभी अधिकारियों की मौजूदगी में सबसे पहले आवश्यक रिकॉर्ड का बारीकी से मिलान किया गया और फिर तमाम मादक पदार्थों का वजन किया गया। इस पूरी जब्ती और नष्टीकरण की प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी और वैधानिक बनाए रखने के लिए संपूर्ण कार्रवाई की विस्तृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी करवाई गई।

पुलिस अधीक्षक से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिले के थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़, सदर चित्तौड़गढ़, कोतवाली निम्बाहेड़ा, सदर निम्बाहेड़ा, बस्सी, आकोला, मंगलवाड़, रावतभाटा, बेगूं, राशमी, साडास, पारसोली, भूपालसागर, शंभूपुरा, बिजयपुर, कपासन व निकुम्भ सहित कुल 17 पुलिस थानों में दर्ज कुल 48 आपराधिक प्रकरणों पर यह कार्रवाई की गई है। इन 48 प्रकरणों में से 30 प्रकरणों में तस्करों के अवैध कब्जे से जब्त किया गया 65 क्विंटल 76 किलोग्राम 537 ग्राम डोडा चूरा, 11 प्रकरणों से जुड़ा 34 किलोग्राम 748 ग्राम गांजा, 06 प्रकरणों में पकड़ा गया 996 ग्राम एमडीएमए (MDMA) और 01 विशिष्ट प्रकरण में जब्त की गई 135 ग्राम स्मेक शामिल थी। जिला औषधि व्ययन समिति चित्तौड़गढ़ द्वारा इन सभी मादक पदार्थों को नष्ट करने के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट के उच्चाधिकारियों—यूनिट हेड उत्तम राय, एचआर हेड नितेश राठी, मुख्य सुरक्षा अधिकारी धीरेंद्र राठौड़, दीपक भट्ट एवं पर्यावरण विभाग के मिथिलेश बेनीवाल की आधिकारिक उपस्थिति सुनिश्चित की गई। इन सभी की देखरेख में शुक्रवार को शंभूपुरा थाने के सावा स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की कीलन में डालकर इस काली कमाई और नशे के सामान को हमेशा के लिए जलाकर नष्ट कर दिया गया, जो जिले में नशे के नेटवर्क पर एक करारा प्रहार है।

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