चित्तौड़गढ़ (प्रात:काल संवाददाता)। चित्तौड़गढ़ शहरी जल योजना के अंतर्गत सेगवा जल शोधन संयंत्र से होने वाली पेयजल आपूर्ति में पीलेपन की शिकायतों पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए युद्धस्तर पर जांच और सुधारात्मक अभियान शुरू किया है। वर्तमान में इस संयंत्र से प्रतिदिन लगभग 15 एम.एल.डी. पेयजल की नियमित आपूर्ति की जा रही है, किंतु हाल ही में शहर के विभिन्न हिस्सों से पानी के रंग को लेकर चिंताएं जताई गई थीं। विभाग ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्परतापूर्वक व्यापक जांच करवाई ताकि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

शिकायत प्राप्त होते ही विभाग द्वारा सेंती, मधुवन, शास्त्रीनगर, सेगवा, पाडनपोल, कीरखेडा और कुम्भानगर जैसे प्रभावित क्षेत्रों से तत्काल पानी के नमूने संकलित किए गए। इन नमूनों का जिला प्रयोगशाला चित्तौड़गढ़ में गहन परीक्षण किया गया, जिसकी रिपोर्ट में राहतकारी तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार सभी नमूनों में क्लोरीन की मात्रा पर्याप्त पाई गई है। रासायनिक एवं जीवाणु परीक्षण के मानकों पर जल पूर्णतः सुरक्षित और पीने योग्य प्रमाणित हुआ है, जिससे दूषित जल की आशंकाओं पर विराम लग गया है।

इस महत्वपूर्ण अभियान का संचालन अधीक्षण अभियन्ता श्री सुनीत कुमार गुप्ता के निर्देशन में किया गया। उनके मार्गदर्शन में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग उदयपुर की अधीक्षण रसायनज्ञ टीम ने सेगवा फिल्टर प्लांट सहित शहर के विभिन्न जल वितरण केंद्रों पर गुणवत्ता की सूक्ष्म जांच की। विभागीय विशेषज्ञों ने विश्लेषण के उपरांत स्पष्ट किया कि मई माह में तापमान में आई आकस्मिक वृद्धि के कारण जलाशयों में मौजूद जलीय वनस्पति 'क्लोरोफाइट' का विघटन होने लगा है। इस वनस्पति की क्लोरीन के साथ होने वाली स्वाभाविक प्रतिक्रिया के कारण ही पानी में अस्थायी रूप से पीलापन दिखाई दे रहा है।

प्रशासन अब इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अग्रसर है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा यह दृढ़ता से सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञों से निरंतर परामर्श लिया जा रहा है और आवश्यक सुधारात्मक तकनीकी कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग का प्राथमिक लक्ष्य चित्तौड़गढ़ के नागरिकों को स्वच्छ, पारदर्शी और सुरक्षित पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है, ताकि जन स्वास्थ्य के प्रति सरकारी प्रतिबद्धता अटूट बनी रहे।

Pratahkal HQ

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