चित्तौड़गढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त आपूर्ति, अफवाहों पर न दें ध्यान
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरों को निराधार बताया, कंपनियों को निर्बाध आपूर्ति के निर्देश दिए।

चित्तौड़गढ़। जिले में पेट्रोलियम उत्पादों की कमी की आशंका और पेट्रोल पंपों पर उमड़ रही अत्यधिक भीड़ के मद्देनजर जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। जिला कलेक्ट्रेट के समिति कक्ष में आयोजित इस बैठक में जिले के समस्त तेल कंपनियों के सेल्स अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए कलक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आमजन को किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।
बैठक के दौरान कलक्टर ने उपभोक्ताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी तेल कंपनियों को पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। इस पर आईओसी, बीपीसी, एचपीसी, नायरा एवं जीओ के उपस्थित अधिकारियों ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि प्रति उपभोक्ता विक्रय सीमा तय किए जाने संबंधी खबरें पूर्णत: निराधार और तथ्यहीन हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए जानकारी दी कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री में 125 से 150 प्रतिशत तक की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। इस अत्यधिक मांग को पूरा करने के लिए सभी तेल कंपनियां निरंतर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और अतिरिक्त ईंधन उपलब्ध कराने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं।
जिला कलक्टर ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से प्रभावित न हों और पैनिक खरीदारी (घबराहट में की जाने वाली खरीदारी) से बचें, क्योंकि इससे व्यर्थ ही अव्यवस्था उत्पन्न होती है। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) रामचन्द्र खटीक, जिला रसद अधिकारी हितेश जोशी, प्रवर्तन अधिकारी चक्षु पंड्या सहित विभिन्न तेल कंपनियों के सेल्स अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन और तेल कंपनियों का यह संयुक्त प्रयास जिले में ईंधन आपूर्ति की स्थिरता को बनाए रखने और नागरिकों के मन में व्याप्त संशय को दूर करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।

