चित्तौड़गढ़ में एंजियोप्लास्टी के बाद मरीज की मौत, पुलिस जांच शुरू
श्री सांवरिया पारस चिकित्सालय में इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।

चित्तौड़गढ़ के श्री सांवरिया पारस चिकित्सालय में एक मरीज की मृत्यु के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद परिजन और समझाइश करते हुए पुलिसकर्मी।
चित्तौड़गढ़ शहर में शनिवार को चिकित्सा उपचार के दौरान हुई एक अधेड़ व्यक्ति की मृत्यु ने हड़कंप मचा दिया। चंदनपुरा निवासी राजेश सुराना (56) की श्री सांवरिया पारस चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
घटनाक्रम के अनुसार, राजेश सुराना को शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे सीने में गंभीर दर्द की शिकायत के बाद परिजन प्रतापनगर स्थित श्री सांवरिया पारस हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उपचार शुरू करने के लिए राशि जमा कराने के बाद चिकित्सकों ने एंजियोग्राफी की प्रक्रिया को अंजाम दिया। इसके पश्चात चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए स्टंट डालने की आवश्यकता बताई। परिजनों का दावा है कि स्टंट डालने की प्रक्रिया के कुछ ही समय बाद चिकित्सकों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया, जिससे परिजनों का सब्र टूट गया और उन्होंने चिकित्सालय में भारी हंगामा शुरू कर दिया।
मृतक के परिजनों ने चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हंगामे के बीच परिजन इस मांग पर अड़ गए कि मृतक का पोस्टमार्टम जिला चिकित्सालय में ही करवाया जाए। विवाद को बढ़ता देख सदर थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से समझाइश करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दूसरी ओर, चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. अनुराग जैन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ऑपरेशन के उपरांत मरीज की स्थिति अत्यधिक गंभीर हो गई थी। डॉ. जैन के अनुसार मरीज का रक्तचाप (बीपी) निरंतर गिर रहा था और स्थिति अत्यंत नाजुक थी। चिकित्सक ने दावा किया कि आगे के उपचार की प्रक्रिया शुरू करने हेतु परिजनों की ओर से सहमति और अनुमति मिलने में विलंब हुआ, जिसका प्रतिकूल प्रभाव मरीज के स्वास्थ्य पर पड़ा और अंततः उनकी मृत्यु हो गई। वर्तमान में पुलिस इस संवेदनशील मामले की गहन जांच कर रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
यह घटना चिकित्सा व्यवस्थाओं और आपातकालीन स्थितियों में समय की महत्ता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। एक ओर जहां परिजन चिकित्सालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं चिकित्सक इसे चिकित्सीय जटिलताओं और विलंब का परिणाम बता रहे हैं। जांच के उपरांत सामने आने वाले तथ्य ही इस दुखद घटना की वास्तविकता को स्पष्ट करेंगे, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।

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