चित्तौड़गढ़: चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
डूंगला के कुम्हार खेड़ा में 150 बीघा आरक्षित भूमि पर अवैध कब्जे और पक्के निर्माण से मवेशियों के सामने चारे का संकट, ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

चित्तौड़गढ़। डूंगला पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले कुम्हार खेड़ा गांव में चारागाह भूमि पर बढ़ते अवैध कब्जों ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। मवेशियों के समक्ष उत्पन्न हुए भुखमरी के संकट से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। संगेसरा ग्राम पंचायत के अधीन आने वाले इस गांव के पुष्कर मेहता, कन्हैयालाल, जसवंत मेनारिया, भरत मेनारिया और मोतीलाल सहित बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मवेशियों के चरने के लिए 150 बीघा भूमि आरक्षित है, जिस पर पिछले कुछ समय से भू-माफियाओं द्वारा निरंतर अतिक्रमण किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि दबंगों ने चारागाह भूमि पर गहरी खाइयां खोदकर बाड़े बना लिए हैं और कई स्थानों पर तो पक्के निर्माण भी खड़े कर दिए गए हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि अवैध कब्जे और निर्माण के पश्चात इस सरकारी भूमि को अवैध तरीके से बेचने का खेल धड़ल्ले से खेला जा रहा है। जब भी ग्रामीण इस अवैध गतिविधि का विरोध करते हैं, तो अतिक्रमणकारी मरने-मारने पर उतारू हो जाते हैं और डराते-धमकाते हैं। पूर्व में प्रशासनिक अधिकारियों को इस संबंध में कई बार शिकायतें भेजी गईं, परंतु धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हैं। नतीजतन, आरक्षित भूमि सिमटती जा रही है और मवेशियों के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन अवैध कब्जों को हटाकर भूमि को मुक्त नहीं कराया गया, तो उनका आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा।

Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
बीट और कवरेज
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
