चित्तौड़गढ़ के पारलिया गांव में उस समय एक संवेदनशील स्थिति उत्पन्न हो गई जब राष्ट्रीय पक्षी मोर कुएं में गिर गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और वन्य जीव एवं पर्यावरण संरक्षण समिति की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।

मौके पर पहुंचकर टीम ने पाया कि कुएं में गिरे मोर की स्थिति अत्यंत डरी हुई थी और वह लगातार उड़ने का प्रयास कर रहा था, जिससे उसके और अधिक घायल होने का खतरा बढ़ रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के सदस्य पीयूष कांबले ने रस्सियों के सहारे कुएं में उतरने का निर्णय लिया।

सावधानीपूर्वक नीचे उतरकर उन्होंने डरे हुए मोर को शांत करने का प्रयास किया और अत्यंत सतर्कता के साथ उसे सुरक्षित रूप से पकड़कर बाहर भेजा। रेस्क्यू अभियान के दौरान यह भी पाया गया कि मोर को कुछ चोटें आई हैं। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे तत्काल अपने वाहन से पशु चिकित्सालय पहुंचाया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार शुरू किया गया।

वन विभाग के अनुसार, यह राष्ट्रीय पक्षी केवल भारत की प्राकृतिक विरासत ही नहीं बल्कि जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। ऐसे रेस्क्यू अभियान यह दर्शाते हैं कि वन्यजीव संरक्षण केवल सरकारी दायित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और स्वयंसेवी संगठनों की संयुक्त जिम्मेदारी भी है, जो समय पर कार्रवाई के माध्यम से कई जीवन बचा सकते हैं।

Pratahkal Bureau

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