चित्तौड़गढ़ में पंचायती चुनाव का तीसरा चरण संपन्न, फर्जी वोटिंग की अफवाह पर हंगामा
चित्तौड़गढ़ की पांच पंचायत समितियों की 160 ग्राम पंचायतों में तीसरे चरण का मतदान संपन्न हुआ। भूपालसागर में फर्जी वोटिंग की अफवाह पर हंगामा, भदेसर में पुलिस कार्रवाई और सिंहपुर के अनोखे मतदान केंद्र ने खींचा ध्यान।

तस्वीर में चित्तौड़गढ़ जिले की पंचायत समिति चुनावों के दौरान मतदान केंद्र पर कतार में खड़े ग्रामीण मतदाता नजर आ रहे हैं।
चित्तौड़गढ़। जिले की पांच पंचायत समितियों में त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण का मतदान गुरुवार को शांतिपूर्ण माहौल और छिटपुट घटनाओं के बीच संपन्न हुआ। सुबह 7 बजे से ही ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। इस दौरान कहीं अनोखे चुनाव चिन्ह आकर्षण का केंद्र बने तो कहीं फर्जी मतदान की अफवाह को लेकर हंगामा हुआ। भूपालसागर में स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जबकि भदेसर में नियम विरुद्ध प्रचार कर रहे समर्थकों को मतदान केंद्र के आसपास से हटाया गया।
तीसरे चरण में जिले की चित्तौड़गढ़, भदेसर, कपासन, भूपालसागर और राशमी पंचायत समितियों की 160 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड-पंच पदों के लिए मतदान हुआ। चुनाव मैदान में सरपंच पद के 1125 प्रत्याशी और वार्ड-पंच पद के 1217 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। इन पांचों पंचायत समितियों में कुल 4 लाख 60 हजार 231 मतदाता पंजीकृत थे। प्रशासन ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। पांचों पंचायत समितियों के 98 मतदान केंद्रों को संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया था, जहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
सुबह मतदान शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों के बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लग गईं। शुरुआती घंटों में बुजुर्गों और महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। दोपहर में धूप और गर्मी के कारण कुछ समय के लिए मतदान केंद्रों पर भीड़ कम हुई, लेकिन दोपहर बाद 3 बजे से एक बार फिर मतदाताओं की संख्या बढ़ने लगी और मतदान केंद्रों पर भीड़ उमड़ पड़ी।
चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति के धनेत गांव में मतदान को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। यहां धनेत निवासी बगदी राम पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद दर्द की परवाह किए बिना घायल अवस्था में मतदान केंद्र पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, पहली बार मतदान करने पहुंचीं शंभूपुरा निवासी 20 वर्षीया गुरलीन कौर ने युवाओं की अपेक्षाएं जाहिर करते हुए कहा कि अक्सर लोगों को लगता है कि युवा पीढ़ी की मांगें अलग होती हैं, लेकिन सच यह है कि हमें बस एक ऐसा सरपंच चाहिए जो दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हर ग्रामीण के लिए सोचे और गांव का निष्पक्ष विकास करे।
कपासन पंचायत समिति के सिंहपुर स्थित सरकारी स्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र को ट्रेन के डिब्बे जैसा रूप दिया गया था। स्कूल को इस तरह सजाया गया था कि मतदान के लिए अंदर जाने वाले मतदाताओं को ट्रेन के डिब्बे में सफर करने जैसा अनुभव हो रहा था। मतदान केंद्र की यह रचनात्मक सजावट दिनभर मतदाताओं और बच्चों के बीच आकर्षण एवं कौतूहल का विषय बनी रही।
इसी गांव में सरपंच पद के प्रत्याशियों के चुनाव चिन्ह भी चर्चा में रहे। मतदान केंद्र के बाहर अंतिम समय तक प्रत्याशी अपने आवंटित चुनाव चिन्ह लेकर मतदाताओं से संपर्क करते दिखाई दिए। कोई भिंडी तो कोई पपीता, कपड़े की प्रेस और केतली हाथों में लेकर खड़ा था। प्रत्याशी मतदान केंद्र की ओर आने वाले मतदाताओं को अपना चुनाव चिन्ह दिखाकर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे थे।
भदेसर पंचायत समिति के एक मतदान केंद्र पर प्रत्याशियों के समर्थकों द्वारा नियमों के विरुद्ध प्रचार-प्रसार करने की शिकायत सामने आई। सूचना मिलने पर उपाधीक्षक भदेसर विनोद लखेरा और थानाधिकारी विनोद मेनारिया पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मतदान केंद्र के आसपास खड़े युवाओं और समर्थकों को वहां से हटाया तथा शांति व्यवस्था कायम रखते हुए मतदान प्रक्रिया सुचारू करवाई।
वहीं, भूपालसागर पंचायत समिति के एक मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग की अफवाह फैलने के बाद माहौल गर्मा गया। अफवाह उड़ी कि किसी मतदान कर्मी द्वारा किसी खास प्रत्याशी के पक्ष में फर्जी मतदान करवाया जा रहा है। इसकी जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रिटर्निंग अधिकारी बृजेंद्र मीणा मौके पर पहुंचे। भीड़ के उग्र होने पर पुलिस प्रशासन को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और हंगामा कर रहे लोगों को मौके से खदेड़ा गया। कुछ समय बाद स्थिति शांत हुई और मतदान दोबारा शुरू कराया गया। हालांकि, कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी ने एक प्रत्याशी विशेष के पक्ष में दबाव बनाकर मतदान करवाया है। ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कराने की मांग की।
मतदान प्रक्रिया के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. मंजू ने भी विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। पंचायतीराज आम चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से उन्होंने गुरुवार को चित्तौड़गढ़ के गणेशपुरा, कपासन के सिंहपुर, कांकरिया, गोराजी का निंबाहेड़ा, रूपाखेड़ी और राशमी के डिंडोली स्थित मतदान केंद्रों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर कानून एवं शांति व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों और मतदान की सामान्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मतदाताओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं और मतदान प्रक्रिया के संचालन का भी अवलोकन किया। इस दौरान महिला मतदाताओं से संवाद कर उनके मतदान के प्रति उत्साह की सराहना की। साथ ही नवमतदाताओं से बातचीत कर उनके पहले मतदान के अनुभव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने सभी मतदाताओं को निर्भीक होकर अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कपासन के रूपाखेड़ी मतदान केंद्र पर एक बुजुर्ग महिला मतदाता ने गीत के माध्यम से अन्य लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया। उनके इस अनूठे प्रयास से मतदान केंद्र पर उत्साहपूर्ण वातावरण बना और लोकतंत्र के इस पर्व में हर आयु वर्ग की भागीदारी का संदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी मुकेश धाकड़, कपासन निरीक्षण के समय उपखंड अधिकारी राजेश सुहालका, राशमी निरीक्षण के दौरान एरिया मजिस्ट्रेट आईएएस मुद्रा रहेजा, उपखंड अधिकारी अंजू शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिले की पांचों पंचायत समितियों में मतदान के साथ तीसरे चरण की प्रक्रिया पूरी हुई। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए विभिन्न स्थानों पर सामने आई शिकायतों और हंगामे की स्थितियों को नियंत्रित कर मतदान प्रक्रिया जारी रखी।

Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
बीट और कवरेज
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
