चित्तौड़गढ़: नारकोटिक्स विभाग की कार्रवाई के खिलाफ अफीम किसानों का प्रदर्शन
अफीम किसान संघर्ष समिति ने बद्रीलाल जाट के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर धरना दिया और एनडीपीएस एक्ट के नाम पर उत्पीड़न रोकने के लिए ज्ञापन सौंपा।

चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट पर शनिवार को नारकोटिक्स विभाग की छापेमारी और कथित उत्पीड़न के विरोध में प्रदर्शन करते अफीम किसान संघर्ष समिति के सदस्य।
चित्तौड़गढ़। जिले में नारकोटिक्स विभाग की कथित कार्यप्रणाली को लेकर किसानों का आक्रोश शनिवार को फूट पड़ा है। हाल ही में विभाग द्वारा की गई छापेमारी और कार्रवाइयों के विरोध में अफीम किसान संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व चित्तौड़गढ़ के पूर्व डेयरी चेयरमैन बद्रीलाल जाट ने किया। किसानों ने विभाग पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नारकोटिक्स विभाग की हालिया कार्रवाइयों से किसान वर्ग में भारी डर व्याप्त है। किसानों का आरोप है कि "एनडीपीएस एक्ट जैसे सख्त कानून का डर दिखाकर किसानों को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।" कार्रवाई के खौफ के कारण कई किसान अपनी गाढ़ी कमाई, जेवर और संपत्तियां बेचकर राहत पाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। फसल की तुलाई से ठीक पहले घरों पर दी जा रही दबिश को किसानों ने अनुचित बताया है।
पारदर्शी प्रक्रिया और निकुम्भ मामले पर अड़े किसान
अफीम किसान संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि वे जांच के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उनकी प्रमुख मांगो में निकुम्भ क्षेत्र में की गई कार्रवाई में दोनों आरोपियों को छोड़ा जाये और जब तक अफीम की आधिकारिक सरकारी तोल प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसानों के घरों पर छापेमारी बंद की जाए। यदि विभाग को सुरक्षा या अनियमितता की चिंता है, तो अफीम की रोजाना तोल करने की व्यवस्था की जाए ताकि किसान के पास माल इकट्ठा न रहे और वह किसी भी कानूनी झमेले से बच सके।
आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी
पूर्व डेयरी चेयरमैन बद्रीलाल जाट ने कहा कि "किसान दिन-रात मेहनत कर देश के लिए अफीम पैदा करता है, लेकिन आज उसे अपराधी की तरह देखा जा रहा है।" अगर किसानों की जायज मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। किसानों ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार और विभाग को सख्त चेतावनी दी है कि यदि 1 अप्रैल तक उनकी मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं निकाला गया, तो किसान नारकोटिक्स कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे।

Pratahkal Bureau
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