तीन दिन बाद अफीम किसानों का आमरण अनशन समाप्त, डोडा-चूरा नष्टीकरण आदेश वापस लेने पर बनी सहमति
चित्तौड़गढ़ में राष्ट्रीय अफीम किसान संघ का तीन दिनों से जारी आमरण अनशन सरकार से वार्ता के बाद समाप्त हो गया। डोडा-चूरा नष्टीकरण आदेश पर बड़ा फैसला हुआ और मुआवजे पर निर्णय होने तक कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। जानिए वार्ता में क्या तय हुआ और किन अधिकारियों की रही मौजूदगी।

तस्वीर में चित्तौड़गढ़ में धरने और आमरण अनशन के दौरान राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के बैनर तले एकत्रित हुए किसान और स्थानीय प्रतिनिधि दिखाई दे रहे हैं।
चित्तौड़गढ़ में राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के बैनर तले पिछले तीन दिनों से चल रहा आमरण अनशन और धरना बुधवार को सरकार और किसानों के बीच हुई वार्ता के बाद समाप्त हो गया। राजस्थान सरकार की ओर से प्रतिनिधित्व करते हुए चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या धरना स्थल पर पहुंचे और अफीम किसानों से विस्तृत चर्चा की। वार्ता के दौरान जिला कलेक्टर डॉ. मंजू, आबकारी विभाग के अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा तथा नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
वार्ता का प्रमुख मुद्दा डोडा-चूरा नष्टीकरण के जारी आदेश को वापस लेने की किसानों की मांग रही। किसानों के अनुसार बातचीत के बाद नष्टीकरण आदेश समाप्त कर दिया गया। साथ ही यह सहमति बनी कि सरकार और अफीम किसानों के बीच मुआवजे को लेकर निर्णय होने तक डोडा-चूरा नष्टीकरण की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और न ही इस संबंध में कोई नया आदेश जारी किया जाएगा।
बैठक में किसानों की अन्य मांगों पर भी विधायक चंद्रभान सिंह आक्या तथा सांसद सीपी जोशी के साथ सरकार के स्तर पर वार्ता कर उचित समाधान निकालने पर सहमति बनी। आबकारी आयुक्त नमित मेहता से भी चर्चा कर किसानों की मांगों के संबंध में सरकार से शीघ्र उचित निर्णय कराने का आग्रह किया गया।
विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि किसानों का आंदोलन उनकी जायज मांगों को लेकर था और सरकार किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि डोडा-चूरा को लेकर जारी नोटिस कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह वर्षों से चली आ रही नियमित व्यवस्था का हिस्सा है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि किसानों का किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। डोडा-चूरा की तुलाई, भुगतान और अन्य मुद्दों पर किसानों से चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान कई महीनों की मेहनत के बाद फसल तैयार करते हैं, इसलिए उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए और सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य करेगी।
राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने बताया कि विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने राज्य सरकार, सांसद सी.पी. जोशी, आबकारी आयुक्त और जिला कलेक्टर से बातचीत की। इसके बाद यह सहमति बनी कि डोडा-चूरा नष्टीकरण को लेकर जारी विज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाएगा। सहमति बनने के बाद किसानों की सहमति से आमरण अनशन समाप्त करने की घोषणा की गई।
इसके बाद आमरण अनशन पर बैठे राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश जोशी तथा धरने पर बैठे किसानों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया। इस दौरान विजयलाल मेनारिया, भगवतीलाल व्यास, शंभूलाल भट्ट, मांगीलाल पुष्करणा, सोहनलाल मेनारिया, प्रहलाद तेली, श्यामलाल चौधरी, जगदीश पुष्करणा, राजमल तेली, सीताराम डांगी, बद्रीलाल जाट, मांगीलाल रुपाखेड़ी, बाबूलाल गाडरी, नानालाल सुथार, रवि मेनारिया, दुर्गाशंकर, मांगीलाल, मोहन खारोल, नारायण गायरी, शंकर गुर्जर, कमलेश जोशी, मोहन तेली और शंभूलाल भट्ट सहित सैकड़ों अफीम किसान उपस्थित रहे। वार्ता के बाद बनी सहमति के साथ तीन दिनों से जारी आंदोलन समाप्त हो गया।

Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
