डूंगला (चित्तौड़गढ़) में राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के नेतृत्व में विभिन्न मांगों को लेकर अफीम किसानों ने सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने की घोषणा की है। 30 जुलाई 2026 को सैकड़ों किसान शनि देव मंदिर, डूंगला में एकत्रित हुए, जहां डोडा चूरा नष्टीकरण के मुद्दे पर सरकार के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए आंदोलन की रणनीति तय की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 3 अगस्त 2026 को सुबह 10:00 बजे चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलिया जी हॉस्पिटल से जिला कलेक्टर कार्यालय तक विशाल रैली निकाली जाएगी। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में महापड़ाव और आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन में चित्तौड़गढ़, उदयपुर, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा और झालावाड़ सहित हजारों किसानों के शामिल होने की कार्ययोजना बनाई गई।

राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने बताया कि इस बार सरकार जब तक डोडा चूरा नष्टीकरण को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक चित्तौड़गढ़ में महापड़ाव जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन सात सूत्रीय मांगों को लेकर किया जाएगा।

दुर्गेश जोशी के अनुसार किसानों की प्रमुख मांगों में मार्फीम नीति हटाने अथवा 3.2 से पट्टे जारी करने, अफीम का मूल्य बढ़ाने एवं असमानता समाप्त करने, सीपीएस समाप्त करने, पुराने कटे हुए सभी पट्टे बहाल करने, धारा 8/29 नारकोटिक्स एक्ट को हटाने, डोडा चूरा को आबकारी विभाग को देने तथा मध्यप्रदेश की तरह डोडा चूरा नष्टीकरण की व्यवस्था लागू करने की मांग शामिल है।

राष्ट्रीय अफीम किसान संघ ने स्पष्ट किया कि इन मांगों पर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने तक चित्तौड़गढ़ में महापड़ाव और आमरण अनशन जारी रहेगा। इसके साथ ही संगठन ने 3 अगस्त को प्रस्तावित रैली और आंदोलन में बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी पूरी करने का निर्णय लिया।

Pratahkal Bureau

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