चित्तौड़गढ़: स्वामी विवेकानंद जयंती पर विद्या निकेतन की बालिकाओं ने पथ संचलन से भरा राष्ट्रभक्ति का उत्साह
चित्तौड़गढ़ में स्वामी विवेकानंद जयंती के पावन अवसर पर विद्या निकेतन गोलवलकर नगर की बालिकाओं ने भव्य पथ संचलन निकाला। घोष वादन और भगवा ध्वज के साथ निकली इस रैली ने भोईखेड़ा बस्ती में देशभक्ति का संचार किया। कार्यक्रम में वंदना वजीरानी, डॉ. सुशीला लड्ढा और आरएसएस के शंकर जी ने बालिकाओं को राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण की प्रेरणा दी, जिसमें विद्यालय परिवार व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

चित्तौड़गढ़। मेवाड़ की वीर प्रसूता भूमि चित्तौड़गढ़ आज स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रभक्ति के स्वरों से गुंजायमान हो उठी। विद्या निकेतन बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोलवलकर नगर की छात्राओं और नन्हें-मुन्ने बालकों ने 'पथ संचलन' के माध्यम से न केवल अपनी अनुशासित शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि समूचे क्षेत्र को स्वामी जी के विचारों से आलोकित कर दिया। केसरिया ध्वज, घोष की गूंज और कदम से कदम मिलाती बालिकाओं के इस अनुशासित प्रवाह ने भोईखेड़ा बस्ती के जनमानस में एक नई ऊर्जा का संचार किया।
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्य ललिता कंवर राठौड़ के सानिध्य में हुआ। संचलन से पूर्व आयोजित गरिमामयी सभा में क्षेत्र कार्यवाहिका वंदना वजीरानी ने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक प्रसंगों का स्मरण कराते हुए बालिकाओं का आह्वान किया कि वे स्वामी जी के आदर्शों को अपने चरित्र में आत्मसात करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की पीढ़ी का सुदृढ़ चरित्र ही भारत वर्ष के खोए हुए गौरव को पुनः स्थापित करने का सशक्त आधार बनेगा। इसके पश्चात, सुशील शर्मा ने भगवा पताका दिखाकर संचलन को विधिवत रवाना किया।
जैसे ही घोष की मधुर और वीर रस से ओतप्रोत स्वर लहरियां भोईखेड़ा बस्ती की गलियों में गूंजीं, वातावरण श्रद्धा और उत्साह से भर गया। हाथों में भगवा ध्वज लिए अनुशासित कदमताल करती बालिकाओं का स्थानीय निवासी बालकिशन भोई और नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। यह दृश्य न केवल सामाजिक समरसता का प्रतीक बना, बल्कि नारी शक्ति के संगठित स्वरूप को भी रेखांकित कर गया।
समापन सत्र के दौरान बौद्धिक विमर्श में सेविका समिति की प्रांत सहबौद्धिक प्रमुख डॉ. सुशीला लड्ढा ने स्वामी विवेकानंद के संघर्षशील जीवन और उनके वैश्विक संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के 'पंच प्रण' की भावना को जीवन में उतारने की प्रेरणा देते हुए कहा कि प्रत्येक बालिका को राष्ट्र निर्माण का एक सक्रिय घटक बनना चाहिए। इसी क्रम में, आरएसएस के अखिल भारतीय गोसेवा प्रमुख शंकर ने छात्राओं को सफलता के मूल मंत्र दिए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विद्यार्थी जीवन में अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण सफलता का वरण करने में सहायक होता है।
इस गौरवशाली अवसर पर समाज के विभिन्न गणमान्य जन साक्षी रहे, जिनमें कैलाशचन्द्र शर्मा, डॉ. धर्मनारायण भारद्वाज, मनोहर तोषनीवाल, कुंतल तोषनीवाल, सीमा मेहता, प्रेमलता महंत, विमला सेठिया और हर्षिता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। यह आयोजन केवल एक संचलन मात्र नहीं था, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली संस्कृति से जोड़ने का एक सफल प्रयास सिद्ध हुआ।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
