चित्तौड़गढ़: विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने नवीं सत्रांत वाकपीठ का किया उद्घाटन
डाइट चित्तौड़गढ़ में दो दिवसीय वाकपीठ शुरू, विधायक ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण में सर्वोपरि बताते हुए समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।

चित्तौड़गढ़। राष्ट्र के भविष्य निर्माण और समाज को सही दिशा दिखाने में शिक्षकों की भूमिका सदैव सर्वोपरि रही है। इसी गौरवशाली विचार को केंद्र में रखते हुए चित्तौड़गढ़ ब्लॉक के समस्त राजकीय एवं निजी मान्यता प्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की दो दिवसीय 'नवीं सत्रांत वाकपीठ' का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या रहे, जिन्होंने दीप प्रज्वलन कर शैक्षिक विमर्श के इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्घाटन किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में बद्रीलाल जाट, जिला महामंत्री हर्षवर्धन सिंह, सुरेश झंवर, अनिल ईनाणी, भरत जागेटिया, शैलेंद्र झवर, नवीन पटवारी, कमलेश अमेरिया, गोपाल स्वरूप त्रिपाठी, बादाम चौधरी, सतीश चंद्र दशोरा, चंद्रशेखर त्रिपाठी और डॉ. जितेंद्र दशोरा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार दशोरा द्वारा की गई। वाकपीठ अध्यक्ष महेश नुवाल एवं सचिव कालूराम खटीक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि के पद से संबोधित करते हुए विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने शिक्षकों की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक ही वह धुरी है जो देश का मार्गदर्शन करने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनके हितों और समस्याओं के समाधान हेतु वे सदैव तत्पर रहेंगे तथा हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। विशिष्ट अतिथि जाट ने भी शिक्षकों को देश का सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शक बताया। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शंभूलाल सोमानी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए शैक्षिक परिवेश पर चर्चा की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार दशोरा ने विद्यालयों में नवप्रवेश और विभागीय योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। डाइट प्राचार्य राकेश कुमार पारीक ने विभाग द्वारा संचालित वर्तमान गतिविधियों एवं आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। इस गरिमामय अवसर पर गिरिराज सोमानी, गणेश उनियारा, राजुलाल तेली, राजेश दाधीच, मुबारक खान, सत्यनारायण शर्मा, सुरेश खोईवाल, हरिओम सिंह शक्तावत, दिलीप लखारा, चक्रवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह राणावत, सुरेंद्र सिंह, दीपक शर्मा, घनश्याम लखारा, संजय जैन, रविंद्र बैरवा, चंदा तेली, नौसर जाट, पार्वती देवड़ा, पुष्पा चौधरी, दीप्ति चारण, सोनल मीणा, पूजा वैष्णव, जॉन सिंह मीणा, संगीता टेलर, दुर्गा शंकर और सीता कुमारी बैरवा सहित अनेक शिक्षाविद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सचिव कालूराम खटीक ने किया तथा अंत में गिरिराज सोमानी ने सभी का आभार व्यक्त किया। यह वाकपीठ शिक्षकों के शैक्षणिक संवर्धन और समन्वय की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध होगी।

Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
बीट और कवरेज
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
