चित्तौड़गढ़। नगर परिषद क्षेत्र में पिछले लंबे समय से पेयजल आपूर्ति के दौरान गंदा, मटमैला और काई युक्त पानी आने की गंभीर शिकायतों ने अब तूल पकड़ लिया है। आमजन की सेहत से जुड़ी इस समस्या को देखते हुए विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने सोमवार को सेगवा हाउसिंग बोर्ड स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। विधायक ने मौके पर ही विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

निरीक्षण के दौरान विधायक आक्या ने उच्चाधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया और मौके पर उपस्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता हिमांशु वीरवाल, कनिष्ठ अभियंता राकेश आमेटा व केमिस्ट अमरेंद्र दास को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि क्षेत्रवासियों को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित में इस समस्या का अतिशीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।

विधायक ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में पुनः गंदा पानी आने की शिकायत मिली, तो इसे पूर्णतः विभागीय लापरवाही माना जाएगा और संबंधित दोषी कार्मिकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान विधायक के साथ शैलेंद्र झंवर, दीपक शर्मा, विशाल गर्ग, रवि बैरागी, विनीत तिवारी, रामप्रसाद बगेरवाल, हिम्मत सिंह, राजकुमार गाडरी, हितेश कटारिया, हरीश खटीक एवं गणेश भोई सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विधायक के इस कड़े रुख से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और आमजन को अब शुद्ध पेयजल आपूर्ति की उम्मीद जगी है।

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