चित्तौड़गढ़: मेवाड़ की बेटी खुशी जाट ने नेशनल स्कूल गेम्स में जीता कांस्य पदक, पंजाब की धरती पर लहराया राजस्थान का परचम
चित्तौड़गढ़ के रावो का खेड़ा की बेटी खुशी जाट ने लुधियाना में आयोजित 68वें नेशनल स्कूल गेम्स 2025-26 में ताइक्वांडो अंडर-14 वर्ग में कांस्य पदक जीतकर मेवाड़ और राजस्थान का नाम रोशन किया। पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय की इस छात्रा की ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे प्रदेश में हर्ष की लहर है। जानिए इस होनहार खिलाड़ी के संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी।

कांकरवा/भूपालसागर। खेल के मैदान में जब प्रतिभा और कड़ा संघर्ष एक साथ मिलते हैं, तो सफलता का इतिहास स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता है। कुछ ऐसा ही कीर्तिमान स्थापित किया है मेवाड़ के छोटे से गांव रावो का खेड़ा (भूपालसागर) की बेटी खुशी जाट ने। लुधियाना में आयोजित 68वें नेशनल स्कूल गेम्स के ताइक्वांडो अंडर-14 (गर्ल्स) प्रतियोगिता में खुशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया है। इस उपलब्धि के साथ ही खुशी ने न केवल मेवाड़ की माटी का मान बढ़ाया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान प्रदेश की खेल क्षमता का भी लोहा मनवाया है।
स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) के तत्वावधान में स्कूल शिक्षा निदेशालय, पंजाब द्वारा 68वें नेशनल स्कूल गेम्स 2025-26 का भव्य आयोजन किया गया। लुधियाना के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (पऊ) में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर की चुनिंदा प्रतिभाओं ने हिस्सा लिया। ताइक्वांडो अंडर-14 गर्ल्स वर्ग में राजस्थान की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए खुशी जाट ने अपनी तकनीकी कुशलता और मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया। प्रत्येक राउंड में प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती देते हुए उन्होंने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया और अंततः कांस्य पदक जीतकर अपनी मेहनत को सार्थक किया।
पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय साँवलियाजी में कक्षा 8 की छात्रा खुशी जाट के पिता सम्पत लाल जाट अपनी बेटी की इस गौरवमयी उपलब्धि पर गदगद हैं। एक ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय फलक तक पहुँचने का खुशी का यह सफर क्षेत्र के अन्य उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। इस प्रतियोगिता के दौरान पंजाब में गतका (अंडर-19) और जूडो (अंडर-14) जैसी अन्य स्पर्धाएं भी आयोजित की गईं, लेकिन मेवाड़ की इस खिलाड़ी ने ताइक्वांडो में अपनी विशेष पहचान बनाई।
खुशी की इस सफलता पर विद्यालय प्रशासन, खेल प्रेमियों और क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त किया है। यह पदक केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि राजस्थान में खेलों के प्रति बढ़ते रुझान और ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलने वाले सही मार्गदर्शन का प्रमाण है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह जीत भविष्य में खुशी के लिए ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों के द्वार खोलने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau
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