चित्तौड़गढ़। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और आत्महत्या रोकथाम की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों, तनाव से बचाव और आत्महत्या रोकथाम में गेटकीपर की भूमिका को लेकर प्रशिक्षण दिया गया।

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष मानसिंह चुण्डावत के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में प्राधिकरण सचिव योगिता पारीक ने कहा कि जिस प्रकार शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है, उसी प्रकार मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य खराब होने का प्रमुख कारण तनाव है। ऐसे में जीवन में तनाव न लेते हुए परिस्थितियों के मध्य सामंजस्य बिठाना चाहिए।

मुख्य अतिथि मनोचिकित्सक डॉ कविता परमार ने प्रशिक्षण के दौरान युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों की जानकारी दी। उन्होंने शारीरिक परिवर्तन, मानसिक और बौद्धिक विकास, पहचान का संकट तथा भावनात्मक उथल-पुथल जैसे विषयों पर विस्तार से बताया। उन्होंने माता-पिता से युवाओं की भावनाओं को समझने, उन्हें स्वतंत्र निर्णय लेने का अवसर देने और उनके साथ मित्रवत व्यवहार करने की बात कही।

डॉ मुकेश कुमार जाटोलिया ने तनाव के कारण होने वाली आत्महत्याओं को रोकने के उपायों की महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने गेटकीपर की भूमिका समझाते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ आत्महत्या रोकथाम के लिए कोई भी व्यक्ति गेटकीपर हो सकता है। इसके लिए इस विषय पर थोड़ा सा ज्ञानवर्धन करके कोई भी व्यक्ति सामुदायिक स्तर पर अपनी भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने उपस्थित सदस्यों को गेटकीपर के रूप में समस्या की पहचान करने, जोखिम कारकों को पहचानकर उनका आकलन करने, सहानुभूतिपूर्वक संबंधित व्यक्ति को सुनने और समझने, विश्वसनीय एवं सहयोगात्मक संबंध स्थापित करने तथा रेफर एवं फॉलोअप करने संबंधी प्रशिक्षण दिया।

कार्यक्रम में सचिव योगिता पारीक ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल सदस्यों, पीएलवी, पेनल अधिवक्तागण, प्राधिकरण के कर्मचारियों, प्रयास संस्थान, गायत्री संस्थान एवं जन साहस संस्था के सदस्यों, एम.पी.लॉ कॉलेज के निदेशक, प्रो आर.एन.टी. लॉ कॉलेज एवं अन्य सदस्यों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने संबंधी दिशा-निर्देश दिए।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सदस्यों ने बाल विवाह रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर शपथ ली। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ युवाओं की भावनाओं को समझने, तनाव की पहचान करने और आत्महत्या रोकथाम में सामुदायिक स्तर पर प्रभावी भूमिका निभाने पर जोर दिया गया।

Piyush Mundara, Chittorgarh

Piyush Mundara, Chittorgarh

नाम: पियूष मूंदड़ा

वर्तमान पद: संवाददाता

कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)

अनुभव: साल 2013 से

विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग

बीट और कवरेज 

  • स्थानीय समाचार: चित्तौड़गढ़ जिला और संबंधित तहसीलों की सभी स्थानीय खबरों की नियमित कवरेज।
  • क्राइम एवं वन्य जीव: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, अपराध संबंधी घटनाओं के साथ-साथ वन्य जीव और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की विशेष रिपोर्टिंग।
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  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: शैक्षणिक संस्थानों की गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे, चिकित्सा सेवाएं और स्वास्थ्य योजनाओं का कवरेज।
  • बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक समाचार।

शैक्षणिक योग्यता

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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