चित्तौड़गढ़: वीरों की भूमि पर 'राम तेरी गंगा मैली' फेम मंदाकिनी का अचानक आगमन, पद्मिनी महल की भव्यता देख रह गईं दंग
चित्तौड़गढ़ दुर्ग में बॉलीवुड अभिनेत्री मंदाकिनी के अचानक पहुँचने से प्रशंसकों में भारी उत्साह देखा गया। राजस्थानी परंपरा से हुए स्वागत के बाद अभिनेत्री ने ऐतिहासिक पद्मिनी महल की अनूठी वास्तुकला का अवलोकन किया और मेवाड़ की भव्यता देख भावविभोर हो गईं। अशोक वैष्णव, नवीन पटवारी और विजय चौहान की मौजूदगी में हुए इस औचक भ्रमण की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग की प्राचीरें शनिवार को उस समय एक बार फिर सुर्खियों में आ गईं, जब भारतीय सिनेमा की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री मंदाकिनी बिना किसी पूर्व सूचना के यहाँ पहुँचीं। फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' से रातों-रात देशभर में अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री का यह दौरा पूरी तरह अनौपचारिक था, जिसने स्थानीय प्रशासन से लेकर आम जनता तक को सुखद आश्चर्य में डाल दिया। जैसे ही दुर्ग परिसर में उनके आने की खबर फैली, प्रशंसकों और पर्यटकों का हुजूम उनकी एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ा।
दुर्ग के प्रवेश द्वार पर प्रशंसकों और स्थानीय निवासियों ने राजस्थानी परंपरा के अनुरूप अभिनेत्री का आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान अशोक वैष्णव, नवीन पटवारी और विजय चौहान सहित कई गणमान्य लोगों ने उन्हें मेवाड़ की गौरवशाली संस्कृति से रूबरू करवाया। सत्कार की कड़ी में उन्हें चित्तौड़गढ़ दुर्ग का एक सुंदर स्मृति चिह्न भेंट किया गया, जिसे स्वीकार करते हुए मंदाकिनी ने मेवाड़ की मेहमाननवाजी के प्रति अपना विशेष आभार व्यक्त किया। अभिनेत्री ने इस दौरान प्रशंसकों के साथ संक्षिप्त संवाद भी किया, जिससे वहां मौजूद लोग काफी उत्साहित नजर आए।
अपने इस संक्षिप्त प्रवास के दौरान मंदाकिनी का मुख्य आकर्षण रानी पद्मिनी का महल रहा। जल के बीच स्थित इस अद्वितीय महल की वास्तुकला और उसके ऐतिहासिक परिवेश को देखकर अभिनेत्री पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गईं। उन्होंने महल के झरोखों और जल-महल की संरचना का बारीकी से अवलोकन किया। यद्यपि प्रशंसकों को यह अपेक्षा थी कि वे दुर्ग के अन्य ऐतिहासिक स्मारकों जैसे विजय स्तंभ और कुंभा महल का भी भ्रमण करेंगी, लेकिन समय के अभाव या निजी व्यस्तता के कारण वे केवल पद्मिनी महल की स्मृतियाँ संजोकर ही वापस लौट गईं। उनका यह अचानक हुआ दौरा न केवल दुर्ग वासियों के लिए कौतूहल का विषय रहा, बल्कि इसने एक बार फिर सिद्ध किया कि मेवाड़ का गौरवशाली इतिहास और इसकी स्थापत्य कला आज भी फिल्मी जगत की हस्तियों को अपनी ओर आकर्षित करने का सामर्थ्य रखती है।

Pratahkal Bureau
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