चित्तौड़गढ़ में 14 मई तक चलेगा मलेरिया क्रैश कार्यक्रम, CMHO ने दिए निर्देश
सीएमएचओ डॉ. ताराचन्द गुप्ता ने जिले में मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए घर-घर सर्वे और लार्वा रोधी गतिविधियों को तेज करने के आदेश जारी किए।

चित्तौड़गढ़ में मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु आयोजित बैठक के दौरान मलेरिया क्रैश कार्यक्रम की रूपरेखा समझाते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी।
चित्तौडगढ़, 30 अप्रैल 2026। सीएमएचओ चित्तौडगढ़ डॉ. ताराचन्द गुप्ता ने मौसमी बिमारीयों को लेकर आगामी दिनों में मलेरिया क्रैश कार्यक्रम चलाने के निर्देश जारी किये है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि 01 अप्रैल से 14 मई तक चित्तौडगढ जिले में मलेरिया क्रैश कार्यक्रम का प्रथम चरण चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों को मलेरिया, डेंगू, चिकन गुनिया सहित अन्य मच्छर जनित मौसमी बिमारीयों की रोकथाम के लिए आवश्यक गतिविधियां करवाने, हाई रिस्क क्षेत्र के साथ ही ऐसे क्षेत्र जहां वर्तमान में पॉजीटिव केस निकलने की संभावना को देखते हुए उन्हें भी प्लान में शामिल कर अपने-अपने एरिया पीएचसी, सीएचसी से टीमें लगाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
सर्वे और लार्वा रोधी गतिविधियों पर जोर
सीएमएचओ ने बताया कि "इस कार्यक्रम में घर-घर जाकर बुखार के मरीजों का सर्वे कर रक्त पट्टिका लेकर, त्वरित जांच कर पॉजिटिव पाए जाने पर पूर्ण आमूल उपचार करने साथ ही मरीजों के घरों के आसपास और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर लार्वा रोधी गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।" हर सीएचसी, पीएचसी पर लार्वा कॉर्नर प्रदर्शन के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए आईईसी गतिविधियां और ग्राम स्तर पर आशा, उपकेन्द्रों पर प्रसाविका तथा पीएचसी, सीएचसी आदि चिकित्सा संस्थानों पर मलेरिया रोधी, लार्वारोधी औषधियों एवं रसायनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभी चिकित्सा संस्थानों के प्रभारियों एवं चिकित्सा कार्मिकों को लू व तापघात के मरीजों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग द्वारा निगरानी और उपचार नीति
डॉ. पुनीत कुमार तिवारी, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) ने बताया कि मलेरिया क्रैश प्रोग्राम के दौरान सर्वे दलों को मुख्य रूप से आईईसी अवेयरनेस, सोर्स रिडक्शन, एंटी लार्वा एवं एंटी एडल्ट एक्टिविटी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। खाली प्लॉटों, गड्ढों, नालियों आदि का सर्वे कर लार्वा खत्म करने के लिए एमएलओ टेमीफोस को साप्ताहिक डालने के निर्देश दिए गए हैं। मच्छर के लार्वा की पहचान एवं सर्वे के बाद क्षेत्र का हाउस इंडेक्स, ब्रिटयू इंडेक्स को प्रतिदिन मॉनिटर करने के साथ ही मलेरिया रोगी का उपचार भारत सरकार द्वारा निर्धारित नेशनल ड्रग पॉलिसी ऑन मलेरिया 2013 के अनुसार उपचारित करने के निर्देश दिए गए। आमजन से अपील की है कि प्रत्येक नागरिक हर रविवार को घर की सफाई कर ड्राई डे मनाएं।
बचाव के उपाय और सावधानी
डिप्टी सीएमएचओ हेल्थ ने बताया कि "डेंगू के मच्छर साफ व खुले पानी में पैदा होते है और लार्वा से लेकर मच्छर बनने की प्रक्रिया में लगभग एक सप्ताह का समय लगता है।" इसलिए घर में साफ पानी के भरे हुए कंटेनर जैसे पानी की टंकी, कूलर, परिंडे, गमले, फ्रिज, छत पर पड़े हुए कबाड़ इत्यादि को हर सात दिन में खाली करते हुए रगड़ कर साफ करके सुखाकर वापस काम में लें। डॉ. गुप्ता ने आमजन से अपील की है कि जल जनित बीमारियों से बचाव के लिए अपने घरों एवं कार्य स्थलों की सफाई रखें और घरों के आसपास पानी इकट्ठा ना होने दें। परिवार में किसी भी सदस्य के बीमारी जैसे लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सालयों में दिखाकर उपचार लें।

Pratahkal Bureau
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