चित्तौड़गढ़ में फर्जी दस्तावेजों से सरकारी जमीन हड़पने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर 7 लोगों पर केस दर्ज
चित्तौड़गढ़ के किदवई नगर में फर्जी दस्तावेजों से सरकारी जमीन पर पट्टे जारी कराने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज, जांच शुरू।

तस्वीर में एक खाली पड़ी भूमि पर पत्थरों की बनी दीवार, मिट्टी का ढेर और पास में खड़ी एक मोटरसाइकिल दिखाई दे रही है।
चित्तौड़गढ़ शहर के पॉश इलाके किदवई नगर में सरकारी खाली पड़ी जमीन पर कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पट्टे जारी करवाने और धोखाधड़ी करने का गंभीर मामला सामने आया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने मामले को प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध मानते हुए धारा 175(3) बीएनएसएस के तहत कोतवाली थाने को प्रकरण दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
प्रार्थी राहुल पंचोली ने न्यायालय में पेश इस्तगासे में आरोप लगाया कि किदवई नगर गृह निर्माण समिति के पदाधिकारियों और अन्य लोगों ने मिलीभगत कर बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया। आरोप है कि वर्ष 1992 के भू-रूपांतरण आदेश और स्वीकृत नक्शे को दरकिनार करते हुए नगर परिषद के स्वामित्व वाली खाली भूमि पर फर्जी तरीके से प्लॉट नंबर 71 और 72 के दस्तावेज तैयार किए गए।
इस्तगासे के अनुसार, उप रजिस्ट्रार सहकारी समिति ने 28 सितंबर 2020 की जांच रिपोर्ट में इन दोनों भूखंडों के आवंटन को गलत मानते हुए निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद आरोपियों ने तथ्यों को छिपाकर यूआईटी से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पट्टे प्राप्त कर लिए। प्रार्थी का यह भी आरोप है कि विवादित भूमि उनकी संपत्ति से सटी हुई है और उनके सुखाधिकार के अंतर्गत आती है, जिसे खुर्द-बुर्द करने के उद्देश्य से यह कथित जालसाजी की गई।
न्यायालय के आदेश पर कोतवाली थाना पुलिस ने किदवई नगर गृह निर्माण समिति के अध्यक्ष जिया उल रहमान, मंत्री खलील मोहम्मद, मोइनुद्दीन, शांतिलाल धाकड़, सलाउद्दीन, उस्मान गनी और श्रीमती सोमानी के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। प्रार्थी ने न्यायालय को बताया कि इस संबंध में पहले पुलिस अधीक्षक और कोतवाली थाने में शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध मानते हुए पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही कथित फर्जी दस्तावेजों और नक्शों की जांच कराने के भी आदेश दिए, ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके।
न्यायालय के आदेश की पालना में कोतवाली थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक श्यामलाल को सौंपी गई है। पुलिस अब इस कथित भू-घोटाले से जुड़े दस्तावेजों, पट्टों और पूरी प्रक्रिया की जांच कर मामले की परतें खंगालने में जुट गई है।

Pratahkal Bureau
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