चित्तौड़गढ़: कुमावत समाज ने स्थापत्य कला बोर्ड के पुनर्गठन हेतु सौंपा ज्ञापन
राजस्थान क्षत्रिय कुमावत युवाशक्ति समिति ने जनगणना में अलग कॉलम और समाज के उचित प्रतिनिधित्व को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया।

चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्री के बाहर राजस्थान क्षत्रिय कुमावत युवाशक्ति समिति के पदाधिकारी और समाजजन पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपने के दौरान।
चित्तौड़गढ़ में राजस्थान क्षत्रिय कुमावत युवाशक्ति समिति द्वारा गुरुवार को कुमावत समाज की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में राज्य में स्थापत्य कला बोर्ड के पुनर्गठन तथा आगामी जनगणना में कुमावत जाति के उल्लेख सहित समाज के उचित प्रतिनिधित्व की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
समिति के पदाधिकारी लक्ष्मीनारायण बड़वाल ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से सरकार के समक्ष समाज की पांच सूत्रीय मांगें रखी गईं, जिन पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता जताई गई। इनमें समाज की ऐतिहासिक शिल्पकला के संरक्षण हेतु स्थापत्य कला बोर्ड का पुनर्गठन कर शीघ्र अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग शामिल है। इसके साथ ही कुमावत जाति की वास्तविक एवं सही संख्यात्मक स्थिति सुनिश्चित करने के लिए आगामी जनगणना में अलग कॉलम दिए जाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
समिति ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि शीघ्र इन समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो प्रदेशभर में जिला स्तर पर उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे, जिसका प्रभाव आगामी चुनावों में भी देखने को मिलेगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि कुमावत जाति की अपनी स्वतंत्र ऐतिहासिक पहचान है और अब समाज अपने अधिकारों से वंचित नहीं रहेगा।
इस अवसर पर आनंद अजमेरा, हेमन्त कुमावत, रमाकांत नाहर, रितेश नाहर, राजकुमार लाड़ना, हेमंत मोरवाल, शंकरलाल ओस्तवाल, रोहित मोरवाल, रतन मंडोवरा, लोकेश नाहर, प्रकाश पालड़िया, पुष्कर ओस्तवाल, शुभम, उत्पल नाहर, दिनेश पालड़िया, मनीष नाहर, दिलखुश कड़वाल, राधेश्याम जाजपुरा सहित कई समाजजन मौजूद रहे।

Pratahkal Bureau
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