चित्तौड़गढ़: पारसोली में खाकी की 'कुंभकरणी' नींद और तस्करों का तांडव, बनियास गांव से 200 पेड़ साफ
चित्तौड़गढ़ के पारसोली थाना क्षेत्र में 24 दिसंबर 2025 से जारी चोरों और चंदन तस्करों के आतंक ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। बनियास गांव से 200 से अधिक पेड़ चोरी होने और पुलिस की निष्क्रियता पर भेरूलाल कुमावत सहित ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सब-इंस्पेक्टर शिवराज की ढीली कमान पर उठ रहे सवालों के बीच कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

पारसोली (चित्तौड़गढ़)। बेगूं उपखंड क्षेत्र के पारसोली थाना इलाके में इन दिनों कानून व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। कड़ाके की सर्दी के बीच जहां आम जनजीवन ठिठुर रहा है, वहीं चोर और तस्करों के हौसले बुलंद हैं। आलम यह है कि पारसोली थाना पुलिस की नाक के नीचे से तस्कर और चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन खाकी की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। 24 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ चोरी और तस्करी का यह सिलसिला अब एक भयावह रूप ले चुका है, जिसने बनियास सहित आसपास के समूचे ग्रामीण इलाकों में दहशत और आक्रोश भर दिया है।
क्षेत्र में स्थिति इस कदर विकट हो गई है कि चोरों ने अब जंगलों और खेतों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में पूरे गांव से 200 से अधिक कीमती पेड़ काटकर तस्करी कर लिए गए हैं। विडंबना यह है कि पुलिस थाना पारसोली से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर ये वारदातें लगातार हो रही हैं, लेकिन पुलिस की गश्ती गाड़ियां इन अपराधियों को पकड़ने में पूरी तरह विफल साबित हो रही हैं। चंदन तस्करों का वर्चस्व इस कदर बढ़ गया है कि वे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका पर भी गहरा प्रहार कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि पूर्व में दर्ज कराई गई एफआईआर पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हाल ही में जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के कई थानों में फेरबदल किया गया था, लेकिन पारसोली थाने की कमान किसी सीआई रैंक के अधिकारी के बजाय सब-इंस्पेक्टर शिवराज को सौंपी गई। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर शिवराज की शिथिलता और नियमित गश्त के अभाव के कारण अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म हो गया है। ताजा घटना बनियास निवासी भेरूलाल कुमावत के साथ हुई है, जिसके बाद ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया।
लगातार हो रही इन वारदातों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई है कि क्षेत्र में तत्काल प्रभावी रात्रि गश्त शुरू की जाए और चोरी व तस्करी में लिप्त गिरोह का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ग्रामीणों का यह आक्रोश किसी बड़े आंदोलन की शक्ल ले सकता है।

Pratahkal Bureau
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