बड़ी सादड़ी। डूंगला थाना क्षेत्र के तलावदा गांव में 21 सितंबर 2026 की रात कमलेश मोगिया की धारदार हथियारों से की गई हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। थाना डूंगला और जिला स्पेशल टीम चित्तौड़गढ़ की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को डिटेन किया गया है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त फ्रॉन्क्स कार, तलवार और चाकू भी जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्चों के गरबा पंडाल में खेलने को लेकर हुए विवाद के बाद बनी रंजिश में हत्या की योजना बनाई गई थी।

जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 21 सितंबर 2026 को रात करीब 09ः15 बजे प्रार्थी का बड़ा भाई कमलेश पुत्र मोहनलाल मोग्या, उम्र 35 वर्ष, निवासी तलावदा, खेत की फसल की निगरानी के लिए गया था। इसी दौरान तलावदा सरकारी स्कूल के सामने अज्ञात व्यक्तियों ने कमलेश मोगिया पर धारदार चाकू और तलवार से हमला कर दिया। हमले में वह मौके पर ही लहूलुहान होकर घायल हो गया।

कमलेश के चिल्लाने की आवाज सुनकर शौच के लिए गई लालीबाई मोग्या, प्रार्थी की पुत्री और लक्ष्मी पत्नी कालूलाल मोग्या मौके पर पहुंचे। वहां कमलेश मोगिया एक गड्ढे में बेहोशी की हालत में लहूलुहान पड़ा मिला। उसे मोटरसाइकिल से बोहेड़ा के शर्मा नर्सिंग होम ले जाया गया। वहां चिकित्सक ने उसे डूंगला राजकीय अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद एंबुलेंस से कमलेश मोगिया को बोहेड़ा से डूंगला राजकीय चिकित्सालय लाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के दौरान पास के मकान में रहने वाले व्यक्ति ने घटनास्थल के पास काले रंग की एक गाड़ी देखी थी। पुलिस के अनुसार कमलेश मोगिया पर चाकू और तलवार से करीब 08-09 वार किए गए थे, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। रिपोर्ट के आधार पर थाना डूंगला में हत्या का प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।

ब्लाइंड मर्डर के खुलासे के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्रसिंह जोधा और वृत्ताधिकारी बड़ीसादड़ी हरीशचंद्र सिंह के निकटतम सुपरविजन में थानाधिकारी डूंगला ओम सिंह चुण्डावत ने थाना स्तर पर और जिला स्पेशल टीम चित्तौड़गढ़ की एक विशेष टीम का गठन किया।

हत्या के मामले को गंभीरता से लेते हुए गठित टीम ने डूंगला से तलावदा गांव तक आने-जाने वाले वाहनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। वारदात के बाद आरोपियों के फरार होने के रूट तलावदा से भींडर होते हुए उदयपुर तक के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर उनका बारीकी से विश्लेषण किया गया। पुलिस ने मृतक के परिजनों से जानकारी जुटाई और घटना में प्रयुक्त फ्रॉन्क्स कार की पहचान कर उसका लगातार पीछा किया।

पुलिस ने घटनास्थल के नेटवर्क डेटा का भी विश्लेषण किया। संदिग्ध लोगों से पूछताछ, तकनीकी साक्ष्य और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर हत्या की घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और एक नाबालिग को डिटेन किया गया। वारदात में प्रयुक्त फ्रॉन्क्स कार तथा हत्या में प्रयुक्त तलवार और चाकू जब्त किए गए।

पुलिस के अनुसार हत्या का कारण मृतक और आरोपी भूपेंद्र तथा पुनीत के गांव में बच्चों के गणपति के गरबा पंडाल में खेलने को लेकर हुआ विवाद सामने आया है। इसके बाद मृतक द्वारा आरोपियों के घर के बाहर जाकर मां-बहन की गालियां देने और आपस में देख लेने की धमकी देने से भूपेंद्र और पुनीत ने बदला लेने की ठान ली।

पुलिस जांच के अनुसार दोनों ने हत्या की योजना बनाई। एक नाबालिग को मृतक पर नजर रखने के लिए स्कूल के पास भेजा गया। इसके बाद भूपेंद्र और पुनीत उदयपुर से तीन अन्य दोस्तों को साथ लेकर फ्रॉन्क्स कार से पांच लोग तलावदा के लिए रवाना हुए। वे अपने साथ तलवार और चाकू लेकर आए थे। कमलेश मोगिया मेन रोड पर फोन पर बात करते हुए घूम रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने उस पर जानलेवा हमला किया। वारदात के बाद आरोपी ग्रामीण रास्तों से बचते हुए वापस उदयपुर पहुंचे और फोन बंद कर फरार हो गए।

पुलिस ने हत्याकांड के मामले में तरूण सालवी पिता हीरालाल सालवी, उम्र 25 साल, निवासी मकान नं 1232 हिरणमगरी सेक्टर 7, थाना सविना, जिला उदयपुर; रणवीरसिंह पिता प्रेमसिंह चौहान, उम्र 20 साल, निवासी लूणावास खारा, थाना झंवर, जिला जोधपुर, हाल स्थायी निवासी मकान नं 148 कृष्णा कोलोनी सेक्टर 9, सविना, थाना सविना, जिला उदयपुर; विक्रमसिंह उर्फ विक्की पिता उदयसिंह राजपूत, उम्र 18 साल, निवासी वजपुरा, थाना धरियावद, जिला प्रतापगढ़, हाल निवासी तलावदा, थाना डूंगला, जिला चित्तौड़गढ़; भुपेन्द्र शर्मा पिता जगदीश शर्मा, उम्र 19 साल, निवासी तलावदा, थाना डूंगला, जिला चित्तौड़गढ़; तथा पुनित शर्मा पिता सुरेश शर्मा, निवासी लक्ष्मीपुरा, थाना भींडर, जिला उदयपुर को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग को भी डिटेन किया गया है।

प्रकरण के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में रामावतार, साइबर सेल डीएसटी प्रभारी (चोरी निरोधक) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

घटना का खुलासा करने वाली थाना डूंगला टीम में थानाधिकारी ओम सिंह चुण्डावत, एएसआई राजकुमार (साइबर सेल), हेड कांस्टेबल ललित कुमार, कांस्टेबल जितेन्द्र यादव, ओमप्रकाश, रामधन, अनिल कुमार, मेघचंद, रमेश और चालक मालाराम शामिल रहे। जिला स्पेशल टीम में साइबर सेल के कांस्टेबल रामावतार (टीम प्रभारी), रामनरेश, पुरखराम, मनीष नायक तथा डीएसटी के कांस्टेबल दुर्गेश, पदम कुमार, हेमराज, राकेश, मुकेश और साहिल शामिल रहे।

गिरफ्तारी में थाना सिरोही सदर, जिला सिरोही के पुलिस निरीक्षक घनश्याम सिंह, एसआई राजेश कुमार और कांस्टेबल प्रवीण सिंह तथा एएसआई भगवती लाल, थाना हिरण मगरी, उदयपुर, कांस्टेबल दूरसंचार नितेश कुमार मीणा और कांस्टेबल सुनील कुमार, थाना केलवाड़ा, राजसमंद का सहयोग रहा। पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर हुई कार्रवाई से 21 सितंबर की हत्या की गुत्थी का खुलासा हुआ और वारदात में प्रयुक्त वाहन व हथियार भी बरामद किए गए।

Pradeep Vaishnav, Chittorgarh

Pradeep Vaishnav, Chittorgarh

नाम: प्रदीप वैष्णव

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: बड़ी सादड़ी तहसील

अनुभव: 26 साल (सन 2000 से 'प्रातःकाल' के साथ कार्यरत)

परिचय 

प्रदीप वैष्णव बड़ी सादड़ी तहसील क्षेत्र के एक अनुभवी पत्रकार हैं। वह स्थानीय समाचारों, सामाजिक गतिविधियों, शिक्षा और क्राइम रिपोर्टिंग के क्षेत्रों में मुख्य रूप से सक्रिय हैं। वह सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रखते हैं। तथ्यात्मक और सरल रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देना तथा जनहित से संबंधित विषयों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।

बीट और विशेषज्ञता 

  • स्थानीय समाचार: बड़ी सादड़ी तहसील और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय व सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग।
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शैक्षणिक योग्यता (Education)

B.A. जर्नलिज्म (पत्रकारिता में स्नातक)

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