चित्तौड़गढ़: श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ में विक्रम संवत 2083 का आगाज
चित्तौड़गढ़ में श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ द्वारा विक्रम संवत 2083 के अवसर पर नगरवासियों का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर 21वें कल्याण महाकुंभ के अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ, जिसमें प्रदेश में पहली बार 11,000 श्लोकों के साथ श्री लिंग महापुराण का पारायण प्रारंभ किया गया है। जानिए वीर-वीरांगनाओं द्वारा किए गए स्वागत और आगामी 30 जून तक चलने वाले इन विशेष वैदिक अनुष्ठानों का पूरा विवरण।

चित्तौड़गढ़। मेवाड़ की पावन धरा पर प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ द्वारा विक्रम संवत 2083 के प्रथम दिवस, गुरुवार को नववर्ष के उपलक्ष्य में नगरवासियों का आत्मिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस उल्लासपूर्ण अवसर पर वेदपीठ से संबद्ध वीर-वीरांगनाओं ने नगर के प्रमुख मार्गों एवं चौराहों पर उपस्थित होकर आगंतुकों का मंगल तिलक किया तथा उन्हें काली मिर्च, नीम कोपल एवं मिश्री का औषधीय प्रसाद वितरित कर नववर्ष की मंगलकामनाएं प्रेषित कीं।
वेदपीठ के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस के पावन अवसर पर वीर वाहिनी द्वारा हनुमान चालीसा एवं श्री कल्याण चालीसा के 51-51 पाठ कर संपूर्ण जगत में खुशहाली एवं सुख-समृद्धि की प्रार्थना की गई। आगामी आषाढ़ कृष्णा प्रतिपदा से अष्टमी तक आयोजित होने वाले 'एकविंशतिः' 21वें कल्याण महाकुंभ के विशेष अनुष्ठानों का विधिवत शुभारंभ भी इसी चैत्र शुक्ला प्रतिपदा नववर्ष से कर दिया गया है। इसके अंतर्गत वैदिक विधान के अनुसार लघु रुद्र परायण अनुष्ठानों की स्थापना कर मंगल शुभारंभ किया गया।
इस वर्ष का मुख्य आकर्षण प्रदेश में प्रथम बार आयोजित हो रहा भगवान शिव को समर्पित 'श्री लिंग महापुराण' का पारायण है, जिसमें ग्यारह हजार श्लोकों के वाचन के साथ अनुष्ठान का श्रीगणेश हुआ है। इस महाअनुष्ठान में वेदपीठ के आचार्य एवं बटुक पूर्ण श्रद्धा के साथ सम्मिलित हो रहे हैं। प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि श्री लिंग महापुराण पारायण हेतु अब तक 51 यजमानों का पंजीकरण पूर्ण किया जा चुका है और यह आध्यात्मिक अनुष्ठान आगामी 30 जून तक अनवरत जारी रहेगा। नववर्ष के प्रथम दिवस पर अभिजीत मुहूर्त के शुभ काल में वेदपीठ परिसर में घट स्थापना की गई, जिसके साथ ही कल्याण महाकुंभ से संबंधित समस्त अनुष्ठान सामूहिक रूप से प्रारंभ हुए। यह आयोजन क्षेत्र की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सोपान सिद्ध हो रहा है।

Piyush Mundara, Chittorgarh
नाम: पियूष मूंदड़ा
वर्तमान पद: संवाददाता
कार्यक्षेत्र: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: साल 2013 से
विशेष रुचि: अपराध (क्राइम) और वन्य जीव (Wildlife) रिपोर्टिंग
बीट और कवरेज
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शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
