चित्तौड़गढ़: जौहर स्मृति संस्थान की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने ग्रहण किया पदभार
चित्तौड़गढ़ में जौहर स्मृति संस्थान की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने गरिमामय समारोह में पदभार ग्रहण किया। कार्यक्रम में इतिहास, जौहर की विरासत, शिक्षा, समाज विकास और भविष्य की योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिए गए।

चित्तौड़गढ़ में जौहर स्मृति संस्थान के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का पदभार ग्रहण समारोह संपन्न हुआ, जिसमें अतिथियों ने सामाजिक और ऐतिहासिक संरक्षण पर जोर दिया।
चित्तौड़गढ़। शौर्य, स्वाभिमान और त्याग की ऐतिहासिक धरती चित्तौड़गढ़ में सोमवार को जौहर स्मृति संस्थान की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का पदभार ग्रहण समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। गांधीनगर स्थित जौहर भवन में सम्पन्न इस आयोजन में इतिहास, संस्कृति और सामाजिक उत्तरदायित्व के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।
समारोह में मुख्य अतिथि मेघराज सिंह रॉयल, अध्यक्षता विधायक चंद्रभान सिंह आक्या तथा विशिष्ट अतिथि भंवर सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के माल्यार्पण, उपरना ओढ़ाकर तथा जौहर स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान के साथ किया गया।
गत 31 मई को सम्पन्न हुए संस्थान के चुनावों के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने विधिवत पदभार ग्रहण किया। अध्यक्ष पद पर नारायण सिंह बड़ौली, उपाध्यक्ष पद पर भंवर सिंह, महिला उपाध्यक्ष पद पर निर्मला कंवर राठौड़, महामंत्री पद पर भंवर सिंह खरड़ीबावड़ी, संयुक्त मंत्री पद पर आदित्यवीर सिंह तथा कोषाध्यक्ष पद पर पुष्पेंद्र सिंह निर्वाचित हुए। पदभार ग्रहण की प्रक्रिया मुंगाना धाम के महामण्डलेश्वर अनुजदास महाराज के मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुई।
अपने संबोधन में विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि चित्तौड़गढ़ अपनी शौर्य गाथाओं, स्वाभिमान, आन-बान-शान और स्वामीभक्ति के लिए विश्वभर में पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि चित्तौड़ के जौहर का इतिहास आज भी लोगों के भीतर भावनात्मक ऊर्जा और गौरव की अनुभूति जगाता है। उन्होंने जौहर स्मृति संस्थान को चित्तौड़गढ़ की ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित बनाए रखने में योगदान देने के लिए बधाई दी और नई कार्यकारिणी से इस विरासत को आगे बढ़ाने की अपेक्षा व्यक्त की।
मुख्य अतिथि मेघराज सिंह और विशिष्ट अतिथि भंवर सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए समाज के बच्चों के भविष्य निर्माण पर विशेष बल दिया। उन्होंने शिक्षा, तकनीकी विकास, आर्थिक सशक्तिकरण, संसाधन संग्रहण और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। साथ ही कहा कि जौहर की ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को राजस्थान सहित आसपास के राज्यों के गांवों और ढाणियों तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।
मुंगाना धाम के अनुजदास महाराज ने कहा कि क्षत्रिय समाज ने आदिकाल से विभिन्न समुदायों की सुरक्षा और समाज के समग्र विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। वहीं मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ने पंजाब में निर्मित वीरासत-ए-खालसा की तर्ज पर चित्तौड़गढ़ में भी इतिहास को संरक्षित करने के उद्देश्य से एक विशाल स्मारक निर्माण का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखने की बात कही।
संस्थान अध्यक्ष नारायण सिंह ने कहा कि समाज के सहयोग से संस्थान की निरंतर प्रगति सुनिश्चित की जाएगी तथा आगामी जौहर मेले को और अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। महामंत्री भंवर सिंह ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए पूर्व पदाधिकारियों से मार्गदर्शन और सहयोग जारी रखने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान संस्थान को धनेत के समीप आवंटित भूखंड पर चारदीवारी निर्माण के विषय पर भी चर्चा हुई, जिस पर उपस्थित भामाशाहों ने सहयोग का आश्वासन दिया। संस्थान की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से महिला उपाध्यक्ष के रूप में सुमन कंवर, सरोज कंवर, डॉ. सुनिता भाटी, गोविंद कंवर, डॉ. अनिता राठौड़, प्रवीण राज कंवर, निलिमा सिंह और समता कंवर को जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं।
कार्यक्रम का संचालन जोगेन्द्र सिंह ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक मंच के सदस्य, महिला एवं युवा वर्ग सहित विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह आयोजन केवल पदभार ग्रहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चित्तौड़गढ़ की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सहभागिता को आगे बढ़ाने के संकल्प के रूप में भी उभरकर सामने आया।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
