चित्तौड़गढ़: अवैध खनन पर जिला प्रशासन सख्त, संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाई
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने अवैध बजरी परिवहन रोकने के लिए संयुक्त प्रवर्तन दल को कार्रवाई तेज करने और संवेदनशील रास्तों पर सघन नाकाबंदी के दिए निर्देश।

चित्तौड़गढ़ (प्रात:काल संवाददाता)। चित्तौड़गढ़ जिले में अवैध खनन, निर्गमन एवं भंडारण पर अंकुश लगाने हेतु जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। जिला कलक्ट्रेट स्थित समिति कक्ष में बुधवार को आयोजित जिला स्तरीय खनिज विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं अवैध खनिज निगरानी समिति की बैठक में जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने अवैध गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के संवेदनशील क्षेत्रों और खनिज बजरी के अवैध परिवहन की गहन समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने माइनिंग विभाग और पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि अवैध खनन और बजरी के अवैध परिवहन को रोकने के लिए संयुक्त प्रवर्तन दल की कार्रवाई को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवेदनशील मार्गों पर नियमित नाकाबंदी और सघन जांच अभियान निरंतर जारी रहने चाहिए ताकि अवैध गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके।
खनि अभियंता ने बैठक में स्पष्ट किया कि तहसील राशमी स्थित बनास नदी बहाव क्षेत्र जिले में खनिज बजरी का एकमात्र वैध स्रोत है। इस पट्टे से वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 2 लाख मीट्रिक टन तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 4.03 लाख मीट्रिक टन बजरी का वैध उत्पादन किया गया है। विभाग ने भीलवाड़ा जिले के कान्या खेड़ी, स्वरूपगंज, मंगरोप, पीपली एवं अमरतियां क्षेत्रों को अवैध खनन के दृष्टिगत अत्यंत संवेदनशील घोषित किया है। इन क्षेत्रों से होकर राजस्थान के अन्य जिलों एवं पड़ोसी राज्यों में बजरी के अवैध निर्गमन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है।
प्रशासन द्वारा हमीरगढ़-गंगरार-चित्तौड़गढ़ मार्ग, पीपली-साड़ास-बरून्दनी-पारसोली-बस्सी मार्ग तथा बडलियास-बरून्दनी-सिंगोली मार्ग को संवेदनशील घोषित करते हुए यहाँ निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इन मार्गों पर स्थित थानों में पिछले वित्तीय वर्ष और चालू वित्तीय वर्ष के दौरान कुल 53 वाहनों के चालान बनाए गए हैं। इनमें पारसोली क्षेत्र में 19, बेगूं में 6, बस्सी में 4, गंगरार में 18 तथा साड़ास क्षेत्र में 6 प्रकरण दर्ज किए गए। चालू वित्तीय वर्ष में अवैध खनन, निर्गमन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन ने 53 लाख 29 हजार 420 रुपये का जुर्माना आरोपित किया है, जिसमें से अब तक 12 लाख 82 हजार 20 रुपये की वसूली सुनिश्चित की गई है। साथ ही, नियमानुसार विभिन्न ट्रैक्टरों, डंपरों एवं मशीनरी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 7 मामलों में संबंधित थानों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई गई है।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र खटीक, खनि अभियंता एहतेशाम सिद्दीकी, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन की यह कठोर रणनीति क्षेत्र में अवैध खनिज माफियाओं पर लगाम लगाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

