राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में अवैध खनन, निर्गमन और भंडारण की काली गतिविधियों को जड़ से उखाड़ने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। इसी सिलसिले में जिला स्तरीय खनिज विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं अवैध खनिज निगरानी समिति की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को जिला कलक्ट्रेट के समिति कक्ष में जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के भीतर चल रही अवैध खनन गतिविधियों, खनिज बजरी के अवैध परिवहन और विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति की विस्तार से समीक्षा करते हुए माफियाओं के खिलाफ रणनीतिक रूप से शिकंजा कसने का खाका तैयार किया गया।

बैठक के दौरान जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने माइनिंग विभाग, पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि जिले में अवैध खनन और खनिज बजरी के अवैध परिवहन पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाया जाए। इसके लिए उन्होंने संयुक्त कार्रवाई के तंत्र को और अधिक सुदृढ़ तथा आक्रामक बनाने की बात कही। जिला कलक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि चिन्हित किए गए संवेदनशील क्षेत्रों और मार्गों पर नियमित रूप से निगरानी, सख्त नाकाबंदी और सघन जांच अभियान लगातार जारी रहना चाहिए ताकि इन अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

इस दौरान प्रशासनिक समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि तहसील राशमी स्थित बनास नदी के बहाव क्षेत्र में वर्तमान में प्रभावशील खनन पट्टे के माध्यम से खनिज बजरी का वैध स्त्रोत उपलब्ध है। उक्त वैध खनन पट्टे से वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 2 लाख मीट्रिक टन और वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 4.03 लाख मीट्रिक टन खनिज बजरी का वैध उत्पादन किया जा चुका है। बैठक में खनि अभियंता एहतेशाम सिद्दीकी ने तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले में राशमी तहसील के अतिरिक्त बनास नदी का अन्य कोई दूसरा बहाव क्षेत्र नहीं आता है। इसके विपरीत, पड़ोसी जिला भीलवाड़ा के कान्या खेड़ी, स्वरूपगंज, मंगरोप, पीपली एवं अमरतियां क्षेत्र खनिज बजरी के अवैध खनन के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील माने गए हैं। इन भीलवाड़ा के संवेदनशील क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर चित्तौड़गढ़ जिले की सीमाओं से होते हुए राजस्थान के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों में बजरी के अवैध निर्गमन की प्रबल आशंका बनी रहती है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सीमाओं पर विशेष सतर्कता और मुस्तैदी बरतने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई को धार देने के लिए खनि अभियंता ने बताया कि हमीरगढ़-गंगरार-चित्तौड़गढ़ मार्ग, पीपली-साड़ास-बरून्दनी-पारसोली-बस्सी मार्ग एवं बडलियास-बरून्दनी-सिंगोली मार्ग को अति संवेदनशील मार्ग माना गया है और इन सभी रास्तों पर नियमित जांच के साथ निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उक्त संवेदनशील मार्गों से संबंधित थानों में गत वित्तीय वर्ष और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 53 वाहनों के चालान बनाए गए हैं। थानावार कार्रवाई का ब्यौरा देते हुए बताया गया कि पारसोली क्षेत्र में 19, बेगूं में 6, बस्सी में 4, गंगरार में 18 तथा साड़ास क्षेत्र में 6 कानूनी प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई के आर्थिक पहलुओं को सामने रखते हुए बैठक में साझा किया गया कि जिले में चालू वित्तीय वर्ष में अवैध खनन, निर्गमन और भण्डारण के दर्ज मामलों में अब तक कुल 53 लाख 29 हज़ार 420 रूपये की भारी-भरकम जुरमाना राशि आरोपित की गयी है। इस कुल राशि में से अब तक प्रशासन द्वारा कुल 12 लाख 82 हजार 20 रुपये की कठोरता से वसूली की जा चुकी है, जबकि गंभीर प्रकृति के कुल 7 मामलों में संबंधित पुलिस थानों में नामजद प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) भी दर्ज कराई गई है। माफियाओं के हौसले पस्त करने के लिए की गई इस कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर, डंपर एवं विभिन्न मशीनरी सहित कई वाहनों को जब्त कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस अति महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र खटीक, खनि अभियंता एहतेशाम सिद्दीकी सहित पुलिस विभाग के आला अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनकी मौजूदगी जिला प्रशासन के इस सख्त अभियान के व्यापक और दूरगामी प्रभाव को रेखांकित करती है।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story