चित्तौड़गढ़ में अवैध पटाखा फैक्ट्री का पर्दाफाश, 15 क्विंटल बारूद जब्त
डूंगला पुलिस और डीएसटी ने करसाना गांव के खेत में चल रही पटाखा फैक्ट्री से 9 आरोपियों को पकड़ा, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद।

चित्तौड़गढ़ जिले में डीएसटी चित्तौड़गढ़ और थाना डूंगला पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध विस्फोटक सामग्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खेत में बने मकान में संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने कसारना गांव से गुर्जनियां रोड पर स्थित मकान से करीब 15 क्विंटल बारूद, तैयार बारूदी पटाखे, पटाखे बनाने के उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की है। मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 2 नाबालिगों को डिटेन किया गया है। पुलिस ने घटना के मुख्य मास्टरमाइंड और हैंडलर को भी नामजद किया है।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि 16 अक्टूबर 2026 को डीएसटी प्रभारी एएसआई सूरज कुमार को मुखबिर के माध्यम से पुख्ता सूचना मिली थी कि डूंगला थाना क्षेत्र के करसाना गांव से गुर्जनियां जाने वाले रास्ते पर खेत में बने एक मकान में भारी मात्रा में बारूद, गंधक और पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री का भंडारण किया गया है। सूचना में यह भी बताया गया था कि वहां अवैध रूप से पटाखे बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही है।
सूचना विश्वसनीय पाए जाने पर एएसआई सूरज कुमार के नेतृत्व में डीएसटी चित्तौड़गढ़ और डूंगला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने करसाना से गुर्जनियां जाने वाले रास्ते पर हिम्मतसिंह राजपूत के खेत में बने मकान पर नियमानुसार छापा मारा। तलाशी के दौरान मकान में बारूद का बड़ा जखीरा मिला। मौके से पटाखे बनाने और उनकी पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, सामग्री तथा तैयार बारूदी पटाखे बरामद किए गए।
पुलिस ने मौके से तैयार सुतली बम पटाखों से भरे तीन प्लास्टिक कट्टे, नलियों वाले तैयार बारूदी पटाखों के 9 कट्टे, बारूद से भरे 14 कट्टे और 2 कार्टन जब्त किए। इसके अलावा पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सुतली के 11 कट्टे बरामद हुए, जिनमें प्रत्येक कट्टे में 6 गठान थीं। मौके से खाली पटाखा नलियों के कुल 25 भरे हुए कट्टे, पीले पाउडर के 15 कट्टे और अन्य सामग्री भी मिली। पुलिस ने सुतली, गलु, बत्तियां, पेस्ट, प्लास्टिक टब, पटाखे पैक करने वाले रैपर, तैयार बारूदी पटाखे, रैपर लगी और बिना रैपर वाली बारूदी नलियां तथा कच्चा माल नियमानुसार जब्त किया।
कार्रवाई के दौरान अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित कर रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और दो नाबालिगों को डिटेन किया गया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सुनसान स्थान पर खेत में बने मकान को ठिकाना बनाकर बिना अनुज्ञापत्र के बारूद का भंडारण किया था। इसके बाद वहां अवैध रूप से पटाखे बनाने की फैक्ट्री शुरू कर दी गई। आरोपी चोरी-छिपे पटाखे तैयार कर रहे थे और तैयार माल को बेचने की फिराक में थे।
मामले में गिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश के हरदा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रेटा खुर्द निवासी प्रवेश नागले, पिता देवेन्द्र नागले, उम्र 23 वर्ष; आदिल खान, पिता हयात खां, उम्र 22 वर्ष; और देवेन्द्र नागले, पिता कैलाशचन्द्र नागले, उम्र 36 वर्ष शामिल हैं। मध्य प्रदेश के बुहरानपुर जिले के गणपति थाना क्षेत्र के छोटा बोरगांव फतेहपुर निवासी रविन्द्र संखपाल, पिता बाबु संखपाल, उम्र 22 वर्ष; करण संखपाल, पिता फकिरा संखपाल, उम्र 19 वर्ष; और बाबु संखपाल, पिता पूनम संखपाल, उम्र 40 वर्ष को भी गिरफ्तार किया गया है।
इसके अलावा मध्य प्रदेश के बुहरानपुर जिले के सिकारपुरा थाना क्षेत्र के बाडा जैनाबाद निवासी संतोष मसाने, पिता सुधाकर मसाने, उम्र 18 वर्ष; गुजरात के दाहोद जिले के गरबाडा थाना क्षेत्र के मण्डेर निवासी रोहित भाटिया, पिता रमणभाई भाटिया, उम्र 21 वर्ष; और मध्य प्रदेश के हरदा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के उल्हरदा मौहल्ला डबल फाटक निवासी अरमान खान, पिता सिकन्दर खान, उम्र 19 वर्ष को गिरफ्तार किया गया है। मामले में दो नाबालिगों को भी डिटेन किया गया है।
पुलिस ने इस अवैध पटाखा फैक्ट्री के मुख्य मास्टरमाइंड और हैंडलर को नामजद किया है। पुलिस के अनुसार, वह गांव से करीब एक किलोमीटर दूर अपने खेत में एकांत स्थान पर फैक्ट्री संचालित कर रहा था और लोगों को काम के लिए हैंडल करता था। मौके पर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जमा होने के कारण विस्फोट होने की स्थिति में बड़े स्तर पर जान-माल का नुकसान होने की आशंका थी। डीएसटी प्रभारी एएसआई सूरज कुमार और उनकी टीम ने समय रहते कार्रवाई कर संभावित बड़ी विध्वंसक घटना को रोकने तथा जान-माल की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संयुक्त कार्रवाई में डूंगला थाना पुलिस की ओर से एएसआई सुमेर सिंह, एएसआई बाबुलाल, हेड कांस्टेबल ललित कुमार तथा कांस्टेबल ओमप्रकाश, जितेन्द्र, अनिल, जयप्रकाश, मेघचंद और रामधन शामिल रहे। वहीं, डीएसटी चित्तौड़गढ़ की टीम में प्रभारी एएसआई सूरज कुमार के साथ कांस्टेबल वीरेन्द्र सिंह, मनोज कुमार, अरविन्द, जगदीश, कृष्ण कान्त, रमेश और अशोक शामिल थे। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में एएसआई सूरज कुमार और डीएसटी टीम की विशेष भूमिका रही। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।

Pradeep Vaishnav, Chittorgarh
नाम: प्रदीप वैष्णव
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: बड़ी सादड़ी तहसील
अनुभव: 26 साल (सन 2000 से 'प्रातःकाल' के साथ कार्यरत)
परिचय
प्रदीप वैष्णव बड़ी सादड़ी तहसील क्षेत्र के एक अनुभवी पत्रकार हैं। वह स्थानीय समाचारों, सामाजिक गतिविधियों, शिक्षा और क्राइम रिपोर्टिंग के क्षेत्रों में मुख्य रूप से सक्रिय हैं। वह सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रखते हैं। तथ्यात्मक और सरल रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देना तथा जनहित से संबंधित विषयों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।
बीट और विशेषज्ञता
- स्थानीय समाचार: बड़ी सादड़ी तहसील और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय व सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग।
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
B.A. जर्नलिज्म (पत्रकारिता में स्नातक)
