चित्तौड़गढ़। मेवाड़ की पावन धरा पर सामाजिक चेतना और सुधार की एक नई इबारत लिखते हुए वीर तेजा छात्रावास, सैंथी में जिला जाट समाज की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। चित्तौड़गढ़ ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू लाल जाट की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा ने समाज को कुरीतियों के अंधकार से निकालकर प्रगतिशील भविष्य की ओर ले जाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मिट्ठूलाल जाट, महिला अध्यक्ष सीता देवी और युवा जिलाध्यक्ष सागर चौधरी के मुख्य आतिथ्य ने सामाजिक एकजुटता को और अधिक बल प्रदान किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मेवाड़ और जिला स्तर पर लिए गए सामूहिक निर्णयों को ब्लॉक स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना था, जिसे उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में ऐतिहासिक कदम बताया।

बैठक के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समय की मांग के अनुरूप समाज को आर्थिक रूप से सशक्त और संस्कारित बनाना अनिवार्य है। इसी क्रम में मृत्यु भोज जैसी प्रथा पर कड़ा प्रहार करते हुए निर्णय लिया गया कि अब ऐसे अवसरों पर केवल एक मिठाई सहित अधिकतम चार व्यंजन ही बनाए जा सकेंगे। शादियों में होने वाले अनावश्यक दिखावे, डीजे, बैंड और फूहड़ प्रदर्शन पर पूर्ण पाबंदी लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया, ताकि विवाह समारोह को केवल परिजनों और रिश्तेदारों के बीच एक गरिमामय 'महिला संगीत' और 'आशीर्वाद समारोह' तक सीमित रखा जा सके। आधुनिकता के नाम पर होने वाले प्री-वेडिंग शूट और आर्केस्ट्रा जैसे खर्चों को त्यागकर सादगी अपनाने पर सहमति बनी।

सामाजिक मर्यादाओं को पुनर्स्थापित करने हेतु यह भी तय किया गया कि पुरुष मौसर के दौरान केवल ससुराल, ननिहाल और पीहर पक्ष के कपड़े ही पहने जाएंगे और महिला मौसर में जाजम बिछाने की परंपरा को समाप्त किया जाएगा। सगाई के संबंधों में भी पारदर्शिता और सादगी लाते हुए सोने के गहनों की सीमा 5 से 7 तोला और चांदी 1 किलो तक निर्धारित की गई है। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नशा मुक्ति को लेकर रहा, जिसमें किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में अफीम और शराब के सेवन को पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है। साथ ही, पारिवारिक विवादों के निपटारे के लिए यह तय हुआ कि यदि वधू पक्ष बिना ठोस कारण के ससुराल जाने से मना करता है, तो उन्हें पूरी रकम लौटानी होगी, और यही नियम वर पक्ष द्वारा मना करने पर भी लागू होगा।

इस महामंथन में ब्लॉक की 18 इकाइयों के प्रभारियों की नियुक्ति की गई, जिन्हें जमीनी स्तर पर इन नियमों को लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक की गरिमा बढ़ाने के लिए भेरू लाल, शंभू लाल, गायत्री देवी, मुकेश जाखड़, राजू जाखड़, सोहन जाट, सियाराम, मांगीलाल, राजेश, मदन, कालु राम, नारायण, गोवर्धन, कन्हैयालाल, रामेश्वर लाल, रतनलाल, सुरेश चौधरी, पिंटू जाट, प्रकाश चौधरी, भेरूलाल, रतनलाल, जगदीश, हरीश, रतन बाना, गोविंद, नन्दलाल, जगदीश, मांगीलाल, भरत, सुरेश, नारूलाल, राजू जाट एवं जगदीश जाट सहित समाज के कई वरिष्ठ व युवा सदस्य उपस्थित रहे। यह पहल न केवल जाट समाज बल्कि पूरे मेवाड़ क्षेत्र के लिए सामाजिक सुधार का एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करती है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story