चित्तौड़गढ़। राजस्थान में सूर्य देव के तीखे तेवरों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जहां अप्रैल के महीने में ही सूरज की तपिश अब आग उगलने लगी है। प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाने से भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। चित्तौड़गढ़ जिले में स्थिति यह है कि दोपहर होते ही मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और बाजार पूरी तरह सूने नजर आने लगते हैं। गर्मी का आलम इस कदर भयावह है कि अब कूलर और एयर कंडीशनर भी राहत देने में नाकाम साबित होकर जवाब देने लगे हैं।

इस प्रचंड गर्मी ने न केवल इंसानों के लिए मुश्किलें पैदा की हैं, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी भारी मुसीबत खड़ी कर दी है। सड़कों पर आवागमन करने वाले लोग लू के थपेड़ों से बचने के लिए अपने चेहरों को कपड़ों से ढंककर बचाव की जद्दोजहद कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच राहगीर पेड़ों की छांव तलाशते और शीतल पेय पदार्थों के जरिए अपनी प्यास बुझाते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, खुले आसमान के नीचे रहने वाले बेजुबान जानवर और पक्षी पानी की बूंद-बूंद के लिए भटक रहे हैं, जिन पर भीषण तापघात का खतरा लगातार मंडरा रहा है।

दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाली तीव्र लू के कारण समस्त व्यावसायिक गतिविधियां लगभग ठप सी हो गई हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में तापमान में और अधिक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे लू के थपेड़ों में और तेजी आने की पूरी आशंका है। प्रशासन ने आमजन से सतर्क रहने और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है ताकि इस भीषण तापघात के प्रभाव से बचा जा सके।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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