चित्तौड़गढ़। भक्ति, शक्ति और परंपरा की संगम स्थली चित्तौड़गढ़ के सेंती स्थित लालजी खेड़ा मार्ग पर दशोरा ब्राह्मण समाज के आराध्य देव भगवान हाटकेश्वर की जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुई। आयोजन के दौरान समूचा क्षेत्र हाटकेश्वर महादेव के जयकारों से गुंजायमान रहा और समाजजनों में अगाध श्रद्धा का संचार देखने को मिला।

कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए दिनेश दशोरा ने बताया कि इस पावन अवसर पर समाज के भक्तों द्वारा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और अभिषेक किए गए। उत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में ११ विद्वान पंडितों के सानिध्य में 'महारुद्र' का आयोजन किया गया, जिसकी दिव्यता ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। महारुद्र के पश्चात भगवान हाटकेश्वर का अत्यंत मनमोहक और अलौकिक श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन हेतु श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा।

धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत आयोजित गरिमामयी सम्मान समारोह में समाज के वरिष्ठजनों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की गई तथा समाज की ५० उभरती हुई प्रतिभाओं को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। समारोह के अंतिम चरण में १०८ दीपों से भगवान की सामूहिक महाआरती की गई, जिसका दृश्य अत्यंत नयनाभिराम रहा। आरती के पश्चात उपस्थित जनसमूह ने महाप्रसाद ग्रहण किया। इस भव्य आयोजन में सोहनलाल दशोरा, रमेश, गिरिजा शंकर, देवीलाल, जगदीश, यशवंत, कृष्णगोपाल, शोभालाल, अश्लेष, पंकज, मुकलेश सहित बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे, जिन्होंने इस उत्सव को यादगार बनाया।

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